Wipro Share Buyback: राजस्व गिरा, लेकिन ₹15,000 Cr का बायबैक! क्या है कंपनी की अगली चाल?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Wipro Share Buyback: राजस्व गिरा, लेकिन ₹15,000 Cr का बायबैक! क्या है कंपनी की अगली चाल?

Wipro ने FY26 के लिए अपने IT सर्विसेज रेवेन्यू में **1.6%** की गिरावट दर्ज की है, जो **$10.5 बिलियन** रहा। हालांकि, कंपनी की बुकिंग्स में **14%** की जोरदार ग्रोथ देखने को मिली और यह **$16.4 बिलियन** तक पहुंच गई। इन सबके बीच, कंपनी ने **₹15,000 करोड़** के रिकॉर्ड बायबैक का ऐलान किया है।

Wipro का FY26 परफॉरमेंस: राजस्व में गिरावट, पर बुकिंग्स में उछाल

Wipro ने 2026 फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने IT सर्विसेज रेवेन्यू में 1.6% की गिरावट दर्ज की है। करेंसी एडजस्टमेंट के बाद यह $10.5 बिलियन रहा। लेकिन, अच्छी खबर यह है कि कंपनी की बुकिंग्स में 14% की शानदार बढ़ोतरी हुई है, जो $16.4 बिलियन तक पहुंच गई।

क्या रहे मुख्य आंकड़े?

  • FY26 IT सर्विसेज रेवेन्यू: $10.5 बिलियन (-1.6% कॉन्स्टेंट करेंसी)
  • FY26 बुकिंग्स: $16.4 बिलियन (+14%)
  • FY26 बड़े डील की बुकिंग्स: $7.8 बिलियन (जिसमें 4 डील $500 मिलियन से बड़ी थीं)
  • FY26 ऑपरेटिंग मार्जिन: 17.2% (+15 bps)
  • FY26 एडजस्टेड नेट इनकम: $1.43 बिलियन (+2.2%)
  • FY26 एडजस्टेड EPS: ₹12.8 (+2.1%)

रिकॉर्ड शेयर बायबैक का ऐलान

इन नतीजों के बीच, Wipro के बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक को मंजूरी दे दी है। यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा बायबैक है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि मैनेजमेंट को कंपनी के भविष्य पर पूरा भरोसा है और वे शेयरधारकों को वैल्यू लौटाना चाहते हैं।

इंडस्ट्री की चुनौतियाँ और Wipro की रणनीति

IT इंडस्ट्री इस समय मुश्किल दौर से गुजर रही है, जहाँ क्लाइंट्स बजट को लेकर काफी सतर्क हैं। ऐसे माहौल में भी Wipro का बड़े डील्स जीतना और अपनी पाइपलाइन बढ़ाना, AI जैसी महत्वपूर्ण सर्विस एरिया में मजबूत डिमांड को दिखाता है। कंपनी AI-पावर्ड सॉल्यूशंस पर फोकस कर रही है और इसके लिए नई बिजनेस यूनिट्स बना रही है, साथ ही इनोवेशन लैब्स में निवेश भी कर रही है।

आगे क्या?

निवेशकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि Wipro अपनी मजबूत बुकिंग्स को भविष्य के रेवेन्यू ग्रोथ में कैसे बदल पाती है। AI स्ट्रेटेजी की सफलता और एक्वायर की गई कंपनियों का इंटीग्रेशन कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, ₹15,000 करोड़ के बायबैक प्रोग्राम का एग्जीक्यूशन और उसका शेयरधारकों पर असर भी देखने लायक होगा।

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