We Win Limited के Q2 FY27 नतीजों में रेवेन्यू तो बढ़कर **₹24.73 करोड़** पहुंच गया, लेकिन कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर महज **₹0.005 करोड़** रह गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह कॉल सेंटर सर्विस सेगमेंट में हुआ **₹1.84 करोड़** का घाटा है, जिसने सॉफ्टवेयर सर्विस सेगमेंट की कमाई पर पानी फेर दिया।
मुनाफे में क्यों आई भारी गिरावट?
कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों में एक विरोधाभास देखने को मिला है। जहां एक ओर ऑपरेशंस से रेवेन्यू पिछले साल के ₹20.76 करोड़ से बढ़कर ₹24.73 करोड़ हो गया है, वहीं दूसरी ओर नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹1.79 करोड़ से लुढ़ककर अब लगभग शून्य यानी ₹0.005 करोड़ रह गया है।
सेगमेंट का हाल
कंपनी के परफॉर्मेंस में असंतुलन साफ है। सॉफ्टवेयर सर्विसेज सेगमेंट ने तो ₹2.68 करोड़ का मुनाफा कमाया, लेकिन कॉल सेंटर सर्विसेज सेगमेंट में ₹1.84 करोड़ का बड़ा नुकसान कंपनी के बॉटम लाइन पर भारी पड़ा है।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
कंपनी को मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPSEDC) से ₹1.10 करोड़ की सरकारी ग्रांट मिली है, जिसका इस्तेमाल फाइनेंस कॉस्ट और कर्मचारियों के बेनिफिट्स के लिए किया गया है। साथ ही, कंपनी ने 'We Win Limited ESOP 2025' के तहत ₹19.64 लाख का ESOP खर्च भी दर्ज किया है।
आगे की राह
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती कॉल सेंटर डिवीजन का घाटा है। यदि कंपनी इस सेगमेंट की ऑपरेशनल इनएफिशिएंसी को दूर नहीं कर पाती है, तो सॉफ्टवेयर सेगमेंट का मुनाफा भी कंपनी की कुल सेहत को लंबे समय तक नहीं संभाल पाएगा। अब देखना यह होगा कि मैनेजमेंट भविष्य में लागत घटाने के लिए क्या कदम उठाता है।
