Veefin Solutions ने FY26 में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अपना रेवेन्यू **₹345.13 करोड़** दर्ज किया है। कंपनी अब अपने ऑपरेशंस को सरल बनाने के लिए सब्सिडियरीज का मर्जर कर रही है और BSE SME प्लेटफॉर्म से हटकर Main Board में शिफ्ट होने की तैयारी कर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का दम
कंपनी ने अपनी फाइनेंशियल सेहत में भारी सुधार दिखाया है। FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू उछलकर ₹345.13 करोड़ हो गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹80.44 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹31.96 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह ₹16.26 करोड़ था।
स्ट्रैटेजिक बदलाव और Main Board का सफर
Veefin Solutions अब एक मल्टी-प्रोडक्ट बैंकिंग टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में खुद को स्थापित कर रही है। कंपनी 'Veefin 4.0' रणनीति पर काम कर रही है, जो सप्लाई चेन फाइनेंस और डिजिटल लेंडिंग पर केंद्रित है। ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करने के लिए कंपनी Estorifi Solutions और GlobeTF Solutions का मर्जर कर रही है, जिसकी NCLT हियरिंग 22 अक्टूबर, 2026 को तय है। साथ ही, जुलाई 2026 में शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म से मेन बोर्ड पर माइग्रेट करने की प्रक्रिया में है, जिससे इसमें लिक्विडिटी और इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेशन बढ़ने की उम्मीद है।
ध्यान देने वाली बातें (Risks & Monitoring)
कंपनी ने Epikindifi Software & Solutions को 31 दिसंबर, 2025 से डी-कंसोलिडेट कर दिया है, जिसकी वजह प्रमोटर्स के बीच चल रहा विवाद है। यह गवर्नेंस के नजरिए से एक अहम पॉइंट है जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, कंपनी ने अपना बोरिंग और इन्वेस्टमेंट लिमिट बढ़ाकर ₹500 करोड़ कर दी है और टैलेंट रिटेंशन के लिए ESOP पूल में 10 लाख ऑप्शन जोड़े हैं।
आगामी 29 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस और भविष्य के इन्वेस्टमेंट मैंडेट पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
