Vedavaag Systems का FY26 का रिपोर्ट कार्ड आ गया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू **31%** बढ़कर **₹95.29 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट **₹6.75 करोड़** से घटकर **₹3.76 करोड़** रह गया है। कंपनी अब मार्जिन दबाव को कम करने के लिए इंश्योरेंस और क्रेडिट जैसे हाई-मार्जिन सर्विस पर दांव लगा रही है।
मुनाफे में सुस्ती के पीछे की वजह
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने ऑडिटेड रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। हालांकि कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹105.79 करोड़ से बढ़कर ₹128.54 करोड़ हो गया है, लेकिन कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹8.41 करोड़ से गिरकर ₹5.20 करोड़ पर सिमट गया है।
क्यों चिंता में हैं निवेशक?
कंपनी देश भर में 5,000 से ज्यादा कस्टमर सर्विस पॉइंट्स (CSPs) का नेटवर्क चलाती है। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद प्रॉफिट का कम होना ऑपरेशनल खर्चों के बढ़ने की ओर इशारा करता है। अब मैनेजमेंट का पूरा ध्यान कैश-आउट सर्विस पर निर्भरता कम करके इंश्योरेंस, पेंशन और क्रेडिट फैसिलिटी जैसे वैल्यू-ऐडेड सर्विसेज पर है ताकि मार्जिन को सुधारा जा सके।
बोर्ड में बदलाव और कॉर्पोरेट अपडेट्स
बोर्ड लेवल पर भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। SPVM सुब्रमण्यम को 30 अगस्त, 2025 से इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, कंपनी ने वारंट कन्वर्जन के जरिए 2,45,500 नए शेयर अलॉट किए हैं, जबकि 73,98,800 अनकन्वर्टिबल वारंट्स को फॉरफीट (जब्त) किया गया है।
रिस्क फैक्टर और आगे की राह
ऑडिटर्स ने ₹63.45 लाख की पेंडिंग टैक्स लायबिलिटीज (TDS मिसमैच) की ओर इशारा किया है। निवेशकों के लिए अब अगले क्वार्टर के रिजल्ट्स में मार्जिन सुधार और TDS रिकॉन्सिलिएशन का स्टेटस देखना सबसे जरूरी होगा। कंपनी का लक्ष्य FY 2027-28 तक BC डिवीजन में डबल डिजिट ग्रोथ हासिल करना है, जो लॉन्ग-टर्म सेंटीमेंट के लिए अहम साबित होगा।
