Vakrangee Ltd ने FY26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना नेट प्रॉफिट **79.3%** बढ़ाकर **₹1,111.9 लाख** दर्ज किया है। कंपनी ने अब वॉल्यूम-आधारित मॉडल से हटकर हाई-मार्जिन फाइनेंशियल सर्विसेज पर फोकस किया है, जिसका फायदा नतीजों में साफ दिख रहा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का दम
Vakrangee Ltd की ओर से जारी FY 2025-26 की एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी का EBITDA 22.7% बढ़कर ₹3,426.1 लाख पर पहुंच गया है, जबकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 13.4% हो गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो जो पिछले साल ₹25.1 करोड़ के घाटे में था, वह अब ₹63.7 करोड़ के पॉजिटिव स्तर पर आ गया है। कंपनी पूरी तरह से कर्ज-मुक्त (Debt-free) बनी हुई है।
क्यों बदल रही है कंपनी की किस्मत?
अब Vakrangee ने बीमा (Insurance), लेंडिंग और म्यूचुअल फंड्स जैसी BFSI सेवाओं पर जोर दिया है, जिससे प्रति केंद्र (per Kendra) कमाई बढ़ी है। कंपनी की सब्सिडियरी Vortex Engineering ने भी दमदार प्रदर्शन किया है, जिसका EBITDA ₹10.9 लाख से उछलकर ₹127.1 लाख हो गया है।
लीडरशिप में बदलाव और भविष्य की राह
जनवरी 2025 में फाउंडर प्रमोटर श्री दिनेश नंदवाना के निधन के बाद अब दिव्या नंदवाना एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन और वेदांत नंदवाना मैनेजिंग डायरेक्टर की कमान संभाल रहे हैं। कंपनी के पास अभी 23,087 एक्टिव केंद्र हैं, जिनमें से 84% केंद्र टियर 4 से टियर 6 शहरों में स्थित हैं। हालांकि, डिजिटल पेमेंट्स के दौर में कंपनी के लिए अपनी सर्विस को लगातार अपडेट रखना और ग्राहकों को आकर्षित करना बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
