Unipro Technologies ने अपने 41वें AGM से पहले FY26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹1 करोड़** तक पहुंचा है, लेकिन **₹30.8 लाख** का नेट लॉस हुआ है। कंपनी अभी भी BSE पर सस्पेंशन का सामना कर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए जो आंकड़े पेश किए हैं, उनमें रेवेन्यू बढ़कर ₹0.9999 करोड़ (लगभग ₹1 करोड़) हो गया है, जो पिछले साल ₹0.0663 करोड़ था। हालांकि, कंपनी को ₹0.308 करोड़ का नेट लॉस हुआ है और बेसिक EPS (0.51) पर आ गया है।
41वीं AGM का एजेंडा
कंपनी की 41वीं AGM 30 सितंबर, 2026 को तय की गई है। इसमें सबसे अहम प्रस्ताव होल-टाइम डायरेक्टर और CEO की सैलरी को सालाना ₹48 लाख तक बढ़ाने का है। इसके अलावा, नए सेक्रेटेरियल ऑडिटर की नियुक्ति पर भी विचार किया जाएगा।
निवेशक क्यों हैं परेशान?
कंपनी IT कंसल्टेंसी सर्विस में बदलाव की कोशिश कर रही है, लेकिन सबसे बड़ी बाधा BSE पर चल रहा सस्पेंशन है। इसके अलावा, कंपनी ने अब तक कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति नहीं की है, जो 'कंपनी एक्ट 2013' की धारा 203 का उल्लंघन है। ऑडिटर्स ने ग्रैच्युटी ऑब्लिगेशंस के मूल्यांकन में कमी पर भी सवाल उठाए हैं।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब कंपनी की AGM में होने वाले फैसलों पर नजर रखनी चाहिए। स्टॉक में लिक्विडिटी वापस लाने के लिए सस्पेंशन हटना सबसे जरूरी पड़ाव है। साथ ही, कंप्लायंस गैप्स को भरने की दिशा में मैनेजमेंट के कदम ही भविष्य तय करेंगे।
