Tejas Networks का FY26 में ₹909 करोड़ का बड़ा नेट लॉस
Tejas Networks लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी ने ₹909 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है। पिछले वित्त वर्ष यानी FY25 में कंपनी ने ₹447 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में भी भारी गिरावट आई है, जो घटकर ₹1,103 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹8,923 करोड़ था।
निवेशकों के लिए क्यों है ये बड़ी खबर?
प्रॉफिट से सीधे भारी नुकसान में आना और रेवेन्यू में इतनी बड़ी गिरावट शेयरधारकों के लिए चिंता का विषय है। यह प्रोजेक्ट-बेस्ड रेवेन्यू को मैनेज करने में कंपनी की चुनौतियों को दर्शाता है। हालांकि, कंपनी के पास मौजूद मजबूत ऑर्डर बुक भविष्य की परफॉरमेंस के लिए थोड़ी उम्मीद जगाती है।
इस गिरावट की असली वजह क्या है?
कंपनी के मैनेजमेंट के अनुसार, FY26 में रेवेन्यू में आई यह तेज गिरावट मुख्य रूप से पिछले फाइनेंशियल ईयर में BSNL के एक बड़े 4G प्रोजेक्ट के पूरा होने और कुछ अन्य ऑनगोइंग प्रोजेक्ट्स में देरी के कारण हुई है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस का योगदान पिछले साल के 3% से बढ़कर 16% हो गया है।
आगे क्या बदलाव?
नेट लॉस और कम रेवेन्यू के साथ, कंपनी फिलहाल वित्तीय दबाव का सामना कर रही है। लेकिन, 31 मार्च, 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक में लगभग 49% की बढ़ोतरी हुई है, जो अब ₹1,514 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन भी हुए हैं, जिसमें Arno Roy को MD & CEO और AVS Prasad को CFO नियुक्त किया गया है।
क्या हैं जोखिम?
कंपनी के लिए मुख्य जोखिम उसके फिक्स्ड कॉस्ट स्ट्रक्चर के कारण प्रॉफिटेबिलिटी और प्रोजेक्ट-बेस्ड बिजनेस मॉडल से आने वाली रेवेन्यू की अस्थिरता हैं। मैनेजमेंट ने खुद रेवेन्यू में आई कमी का कारण प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में देरी को बताया है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब कंपनी की वर्तमान ऑर्डर बुक को एग्जीक्यूट करने की क्षमता और प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने के लिए फिक्स्ड कॉस्ट को मैनेज करने की उसकी काबिलियत पर नजर रखनी चाहिए। नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर की भविष्य की मांग पर 'AI सुपर-साइकिल' का क्या असर होगा, यह भी देखना अहम होगा।
