Tamilnadu Telecommunications Limited (TTL) ने FY26 के लिए निराशाजनक नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू शून्य रहा है और उसे **₹1,488.99 लाख** का भारी नुकसान हुआ है। स्थिति इतनी खराब है कि ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' बने रहने पर ही गंभीर सवाल उठा दिए हैं।
फाइनेंशियल संकट का दौर
कंपनी के ताजा नतीजों के अनुसार, FY2025-26 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पूरी तरह से ₹0 रहा। कुल आय भी गिरकर मात्र ₹0.38 लाख रह गई है, जो पिछले साल ₹69.54 लाख थी। कंपनी को साल भर में ₹1,488.99 लाख का नेट लॉस हुआ है।
ऑडिटर्स की कड़ी चेतावनी
M/s. Sundaram & Srinivasan ने इस बार कंपनी के ऑडिट में 'Adverse Opinion' जारी किया है। ऑडिटर ने साफ कहा है कि कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है। इसके अलावा, अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में ऑडिट ट्रेल का न होना और फिक्स्ड एसेट्स की जरूरी टेस्टिंग न करना कंपनी की गवर्नेंस पर बड़े सवाल खड़े करता है।
क्यों बंद है कंपनी?
TTL की फैक्ट्रियां साल 2017 से ही बंद पड़ी हैं। पिछले 8 सालों में कंपनी को न तो नए ऑर्डर मिले और न ही कच्चा माल मिल सका। TIDCO के निर्देशों के कारण फैक्ट्री को लीज पर देने की योजना भी अधर में लटकी हुई है।
अब आगे क्या?
निवेशकों के लिए उम्मीद की इकलौती किरण प्रमोटर TCIL का 'स्ट्रैटेजिक डिसइन्वेस्टमेंट' प्लान है। DIPAM के जरिए कंपनी में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया जारी है, जिस पर ही कंपनी का भविष्य निर्भर करता है। साथ ही, SEBI के नियमों का पालन न करने और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति न होने के कारण कंपनी को लगातार स्टॉक एक्सचेंज से जुर्माने का सामना करना पड़ रहा है।
