Take Limited (पूर्व नाम TAKE Solutions) ने FY26 के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹60.87 करोड़** हो गया है। हालांकि मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन कंपनी ने AI-हेल्थकेयर की ओर अपना फोकस शिफ्ट कर लिया है।
मुनाफे का गणित और रेवेन्यू की रफ्तार
कंपनी ने शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दिखाते हुए अपना रेवेन्यू पिछले साल के ₹10.22 करोड़ से बढ़ाकर ₹60.87 करोड़ पर पहुंचा दिया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट ₹10.85 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹37.47 करोड़ के मुकाबले कम है। ध्यान रहे कि पिछले साल का मुनाफा 'Ecron Acunova' के विनिवेश (Divestment) के कारण बढ़ा हुआ था।
AI और हेल्थकेयर पर कंपनी का विजन
Take Limited अब एक नए 5-पिलर स्ट्रेटेजी पर काम कर रही है:
- Take.Health AI प्लेटफॉर्म: हेल्थकेयर में डिजिटल बदलाव।
- One Minute Clinic: नई क्लिनिक पहल।
- इनोवेशन फंड: स्टार्टअप्स के लिए ₹5 करोड़ का फंड।
- न्यूट्रास्यूटिकल्स: बायोहैकिंग और लॉन्जिविटी सेक्टर में विस्तार।
ऑडिटर की चेतावनी (Auditor's Note)
निवेशकों को कंपनी के ऑडिटर्स द्वारा दी गई 'Qualified Opinion' पर गौर करना चाहिए। कंपनी के ₹12.92 करोड़ के टैक्स एसेट्स फिलहाल कानूनी विवादों (Litigations) में फंसे हुए हैं। कंपनी का कहना है कि टैक्स असेसमेंट पूरा होने के बाद ये एसेट्स रिकवर हो जाएंगे।
बोर्ड में बड़े बदलाव
नाम बदलने के साथ ही कंपनी ने अपने बोर्ड में भी फेरबदल किए हैं। मई 2026 में Sunil Patra को कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर और CFO नियुक्त किया गया है। साथ ही, ऑडिटर्स के इस्तीफे के बाद M/s. A. Raghavendra Rao & Associates को नया वैधानिक ऑडिटर बनाया गया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नजर अब 'One Minute Clinic' के विस्तार और AI प्लेटफॉर्म को मिल रहे रिस्पॉन्स पर होनी चाहिए, साथ ही टैक्स लिटिगेशन से जुड़ी अपडेट्स पर भी नजर रखना जरूरी है।
