Tata Consultancy Services (TCS) ने ओडिशा सरकार के साथ एक बड़ा करार किया है। कंपनी को OSWAS 3.0 सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए **₹122.6 करोड़** का कॉन्ट्रैक्ट मिला है, जो अगले **6 साल** तक जारी रहेगा।
डिजिटल गवर्नेंस में TCS का दबदबा
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने ओडिशा सरकार के साथ अपनी पुरानी साझेदारी को एक और स्तर ऊपर ले जाते हुए ₹122.6 करोड़ का नया कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इस 6 साल के एग्रीमेंट का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रशासनिक कामकाज को आधुनिक बनाना है।
क्यों खास है OSWAS 3.0?
OSWAS ओडिशा की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ है, जो 4,600 से ज्यादा सरकारी दफ्तरों और 50,000 से अधिक यूजर्स को जोड़ती है। पुराने सिस्टम को हटाकर अब इसे AI-इनेबल्ड और मोबाइल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म में बदला जाएगा।
टेक्नोलॉजी में क्या होगा बदलाव?
इस प्रोजेक्ट में TCS अपने 'DigiBOLT' प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेगी। इसके मुख्य फीचर्स में शामिल हैं:
- माइक्रोसर्विसेज आधारित आर्किटेक्चर: जिससे सिस्टम की स्केलेबिलिटी बढ़ेगी।
- AI इंटीग्रेशन: प्रशासनिक फैसलों को और सटीक बनाने में मदद मिलेगी।
- मोबाइल-फर्स्ट अप्रोच: ओडिया भाषा के सपोर्ट के साथ इसे मोबाइल पर भी एक्सेस करना आसान होगा।
स्ट्रैटेजिक महत्व
TCS पहले से ही ओडिशा सरकार के लिए इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम और OJWAS जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स संभाल रही है। यह नया ऑर्डर न केवल कंपनी के पब्लिक सेक्टर ऑर्डर बुक को मजबूत करता है, बल्कि 'इन्फ्रास्ट्रक्चर टू इंटेलिजेंस' की रणनीति को भी साबित करता है। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कितनी तेजी से इन AI फीचर्स को राज्य के वर्कफ्लो में लागू करती है।
