आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने Q2 FY27 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **11.2%** बढ़ा है, जबकि नेट प्रॉफिट **14.9%** के उछाल के साथ **₹13,934 करोड़** पर पहुंच गया है।
मुनाफे की रफ्तार और डिविडेंड का तोहफा
TCS ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11.2% बढ़कर ₹73,188 करोड़ रहा। मजबूत नतीजों के साथ ही बोर्ड ने निवेशकों को ₹12 प्रति शेयर के दूसरे इंटरिम डिविडेंड का तोहफा दिया है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर 2026 तय की गई है और पेमेंट 30 अक्टूबर 2026 तक कर दी जाएगी।
नई खरीदारी से बढ़ेगी ताकत
नतीजों के साथ-साथ TCS ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए जर्मनी की कंपनी MHP Management- und IT-Beratung GmbH को ₹3,484 करोड़ में खरीदने का ऐलान किया है। इस अधिग्रहण का मुख्य उद्देश्य ऑटोमोटिव कंसल्टिंग और इंडस्ट्रियल डिजिटलाइजेशन में अपनी पकड़ को और मजबूत करना है।
आगे की राह और रिस्क फैक्टर्स
यह अधिग्रहण TCS को सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी और AI-ड्रिवन सॉल्यूशंस में नई ऊंचाई देने के लिए है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि यह डील अभी रेगुलेटरी अप्रूवल के अधीन है। साथ ही, यूरोपियन ऑटोमोटिव मार्केट में आर्थिक अस्थिरता के संकेत कंपनी के सिनर्जी टारगेट्स को प्रभावित कर सकते हैं, जिस पर निवेशकों की नज़र बनी रहनी चाहिए।
