Swiggy ने सितंबर तिमाही के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू **36.1%** बढ़कर **₹7,571 करोड़** पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के **₹1,092 करोड़** से घटकर **₹922 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे की ओर बढ़ते कदम
सितंबर तिमाही के नतीजों में Swiggy का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। कंपनी का रेवेन्यू ₹7,571 करोड़ दर्ज किया गया है। ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ा हाथ फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स (Quick-commerce) बिजनेस का है। फूड डिलीवरी सेगमेंट से ₹2,338 करोड़ और क्विक-कॉमर्स से ₹1,306 करोड़ का रेवेन्यू आया है। वहीं, सप्लाई चेन और डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट ₹3,690 करोड़ के साथ कमाई का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है।
बड़े मैनेजमेंट बदलाव
कंपनी ने अपने मैनेजमेंट में भी बड़ा फेरबदल किया है। नंदिता सिन्हा (Nandita Sinha) को Instamart का नया CEO नियुक्त किया गया है, जिन्होंने 3 अगस्त 2026 से कार्यभार संभाला है। वे अमितेश कुमार झा की जगह लेंगी।
बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग
Swiggy ने अपने B2B डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस को Lynks Logistics Limited को ट्रांसफर कर दिया है। 15 सितंबर 2026 से यह कंपनी अब Swiggy की सब्सिडियरी नहीं रही है, जो कंपनी की रणनीति में बड़े बदलाव को दर्शाता है।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि क्या नई लीडरशिप के साथ Instamart अपनी ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रख पाती है और कंपनी अपने घाटे को और कम करने में कितनी सफल होती है।
