Standard Engineering Technology (SETL) ने GScale Energy Private Limited में **51%** हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है। कंपनी **₹487 करोड़** का यह निवेश अपने आंतरिक कैश (internal cash) से करेगी और इसके साथ ही AI Datacenter इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में 'मेक-इन-इंडिया' (Make-in-India) के तहत कदम रखेगी।
SETL का AI Datacenter में बड़ा कदम: GScale Energy पर ₹487 करोड़ का दांव
Standard Engineering Technology Ltd (SETL) ने GScale Energy Private Limited में 51% इक्विटी हिस्सेदारी हासिल करने की घोषणा की है। इस सौदे के लिए कंपनी ₹487 करोड़ का कुल निवेश करेगी।
कंपनी के लिए क्या है खास?
यह एक्विजिशन (acquisition) SETL को तेजी से बढ़ते AI Datacenter सेक्टर में एंट्री दिलाएगा, जो कि 'मेक-इन-इंडिया' (Make-in-India) पहल के अनुरूप है। GScale Energy की विशेषज्ञता को अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के साथ जोड़कर, SETL भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी पावर और कूलिंग इक्विपमेंट में आयात पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखती है। कंपनी का अनुमान है कि GScale Energy से फाइनेंशियल ईयर 2027 तक करीब ₹250 करोड़ का रेवेन्यू आएगा।
कंपनी के पास है पूरा फंड
SETL के पास फिलहाल ₹220 करोड़ कैश रिजर्व में हैं, जो ₹487 करोड़ के इस अधिग्रहण प्रोग्राम को बिना किसी नया कर्ज लिए फंड करने के लिए पर्याप्त हैं। कंपनी का कोर इंजीनियरिंग बिजनेस फाइनेंशियल ईयर 2026 में 40-50% बढ़ने की उम्मीद है।
नवंबर 2026 से शुरू होगा काम
ऑपरेशंस (Operations) नवंबर 2026 से 3 लाख वर्ग फुट की एक नई फैसिलिटी से शुरू होने की उम्मीद है, जिसे बढ़ाकर 4 लाख वर्ग फुट तक किया जा सकता है। GScale Energy के पास 486 MW की कुल डिलीवर कैपेसिटी और 1 GW से अधिक क्षमता पर काम करने का अनुभव है। कंपनी का मैनेजमेंट डेटासेंटर इंडस्ट्री में 25 साल से अधिक का अनुभव रखता है।
आगे क्या देखना होगा?
मुख्य चुनौती नए और तेजी से विकसित हो रहे AI Datacenter मार्केट में ऑपरेशंस को सफलतापूर्वक लागू करना है। GScale Energy के लिए महत्वाकांक्षी रेवेन्यू लक्ष्यों को पूरा करना और कोर बिजनेस में अनुमानित ग्रोथ हासिल करना महत्वपूर्ण होगा।
