Softtech Engineers Ltd ने अपनी 30वीं AGM में FY26 के मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा **131%** बढ़ा है। अब कंपनी अपना पूरा फोकस सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग से हटाकर रिकरिंग रेवेन्यू मॉडल पर कर रही है, ताकि FY31 तक **₹1,200 करोड़** का रेवेन्यू हासिल किया जा सके।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने FY26 में ₹132.9 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹9.58 करोड़ रहा है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का ऑपरेटिंग लेवरेज 3.5 गुना तक बढ़ गया है। वहीं, कैश कन्वर्जन साइकिल में भी बड़ा सुधार दिखा है, जो पहले 462 दिन (FY22) हुआ करता था, वह अब घटकर 169 दिन पर आ गया है।
FY31 के लिए कंपनी का विजन
कंपनी ने भविष्य के लिए बहुत बड़ा रोडमैप तैयार किया है। Softtech Engineers का लक्ष्य FY31 तक रेवेन्यू को ₹1,200 करोड़ और प्रॉफिट को ₹115 करोड़ तक पहुँचाना है। इस ग्रोथ को हासिल करने के लिए कंपनी तीन मुख्य क्षेत्रों पर दांव लगा रही है:
- City Digital Twins और कमांड सेंटर्स: शहरों को डिजिटल बनाने के प्रोजेक्ट्स।
- Infrastructure Digital Twins: पोर्ट्स और रेलवे के लिए एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस।
- Industrial Corridors: इंडस्ट्रियल पार्कों में विस्तार।
AGM में लिए गए अहम फैसले
30वीं AGM में शेयरधारकों ने कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी दी। इसके अलावा, कंपनी ने M/s P G Bhagwat LLP को अगले 5 साल (2031 तक) के लिए स्टैच्यूटरी ऑडिटर के रूप में फिर से नियुक्त किया है। बोर्ड में श्रीमती प्रीति गुप्ता और डॉ. राकेश कुमार सिंह की नियुक्ति पर भी मुहर लग गई है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या कंपनी 27% के अपने मौजूदा EBITDA मार्जिन को बनाए रखते हुए इतनी बड़ी स्केलिंग कर पाती है। कंपनी की सफलता पूरी तरह से नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निष्पादन (Execution) पर टिकी है।
