IPO के बाद पहली बार अपने फाइनेंशियल नतीजे जारी करते हुए Shiprocket Ltd ने बाजार को प्रभावित किया है। कंपनी ने Q1 FY27 के दौरान अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में **33.8%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब **₹592.09 करोड़** तक पहुंच गया है।
मुनाफे का नया सफर
लिस्टिंग के बाद पहली बार नतीजे पेश करते हुए, Shiprocket ने स्टैंडअलोन लेवल पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। कंपनी ने ₹20.16 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹8.99 करोड़ का नुकसान हुआ था। हालांकि, कंसोलिडेटेड स्तर पर कंपनी का नुकसान घटकर ₹13.71 करोड़ पर आ गया है, जिसे कम करने पर मैनेजमेंट का विशेष ध्यान है। कंपनी के कुल खर्च ₹619.48 करोड़ दर्ज किए गए हैं।
बड़े प्रशासनिक बदलाव (Governance Updates)
कंपनी ने अपनी गवर्नेंस को और मजबूत करने के लिए 30 सितंबर को होने वाली अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कुछ बड़े फैसले लिए हैं। कंपनी ने B S R & Co. LLP को अपना नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है, जो S. R. Batliboi & Associates LLP की जगह लेंगे। इसके अलावा, कंपनी अपने 2016 और 2024 के एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) के रैटिफिकेशन के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी लेगी।
निवेशकों के लिए चेतावनी
भले ही स्टैंडअलोन प्रॉफिट में टर्नअराउंड देखने को मिला है, लेकिन कंसोलिडेटेड स्तर पर अभी भी घाटा बना हुआ है। लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच कंपनी अपनी ग्रोथ रेट को बरकरार रखते हुए मुनाफे के सफर को कैसे जारी रखती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
