Shiprocket Q2 Results: घाटे से मुनाफे में लौटी कंपनी, IPO फंड का सही इस्तेमाल जारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Shiprocket Q2 Results: घाटे से मुनाफे में लौटी कंपनी, IPO फंड का सही इस्तेमाल जारी

Shiprocket ने सितंबर तिमाही के अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने **₹59.5 लाख** का शानदार मुनाफा कमाकर पिछले साल के **₹20.29 करोड़** के नुकसान की भरपाई कर ली है। साथ ही, कंपनी ने **₹673.6 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है और IPO फंड का उपयोग भी तय योजना के मुताबिक किया जा रहा है।

मुनाफे में वापसी और रेवेन्यू में उछाल

Shiprocket Limited के लिए यह तिमाही काफी अहम रही है। कंपनी ने ₹59.5 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो कि पिछले साल इसी अवधि में हुए ₹20.29 करोड़ के घाटे के मुकाबले एक बड़ा टर्नअराउंड है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी सालाना आधार पर ₹500.17 करोड़ से बढ़कर ₹673.64 करोड़ पर पहुंच गया है।

IPO फंड और मॉनिटरिंग रिपोर्ट

निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि CARE Ratings Limited की मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट में कंपनी को क्लीन चिट मिली है। ₹885.50 करोड़ के कुल IPO इश्यू साइज में से ₹270.64 करोड़ का इस्तेमाल इस तिमाही में किया गया है। इन फंड्स का मुख्य उपयोग ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी चुकाने और वेंडर पेमेंट समेत सामान्य कॉर्पोरेट खर्चों के लिए हुआ है।

मैनेजमेंट में बड़े बदलाव

कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस में भी बदलाव हुआ है। कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर के पद से निखिल कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह अनिल कुमार लेंगे, जिनके पास 17 साल से ज्यादा का अनुभव है। यह नियुक्ति 6 नवंबर, 2026 से प्रभावी हो गई है।

आगे क्या होगा?

अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने बचे हुए ₹614.86 करोड़ के IPO फंड का उपयोग कैसे करती है और क्या वे आने वाली तिमाहियों में इस प्रॉफिटेबिलिटी को बरकरार रख पाएंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.