Shiprocket ने Q1 FY27 में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **34%** बढ़कर **₹592 करोड़** पहुंच गया है, जिसके पीछे इसके इमर्जिंग बिजनेस सेगमेंट की **70%** की शानदार ग्रोथ है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के कोर शिपिंग बिजनेस ने ₹412 करोड़ का रेवेन्यू दिया है, वहीं ऑम्नीचैनल फुलफिलमेंट और कार्गो जैसे इमर्जिंग सेगमेंट्स ने ₹180 करोड़ का आंकड़ा छू लिया है। खास बात यह है कि इमर्जिंग बिजनेस का कंपनी के कुल रेवेन्यू में अब 30% हिस्सा हो गया है। मुनाफे के मोर्चे पर, एडजस्टेड EBITDA में पिछले साल के मुकाबले 9 गुना की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई है, जो ₹8.9 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का लॉस बिफोर टैक्स भी कम होकर ₹13.7 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल इसी दौरान ₹18 करोड़ था।
नई रणनीति: शिपिंग से आगे का सफर
Shiprocket अब सिर्फ एक शिपिंग कंपनी नहीं, बल्कि एक डाइवर्सिफाइड मर्चेंट इनेबलमेंट प्लेटफॉर्म बनने की राह पर है। कंपनी ने Quikpay, Steal Deal और AI Ads जैसे टूल्स लॉन्च किए हैं, ताकि मर्चेंट्स के साथ जुड़ाव बढ़ाया जा सके और एवरेज ऑर्डर वैल्यू को ऊपर ले जाया जा सके।
रिस्क और आगे की राह
मैनेजमेंट ने चेतावनी दी है कि फेस्टिव सीजन के चलते Q3 थोड़ा कमजोर हो सकता है, क्योंकि मर्चेंट्स अपना इन्वेंट्री बड़े मार्केटप्लेस पर शिफ्ट कर देते हैं। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता के कारण क्रॉस-बॉर्डर सेगमेंट में मामूली गिरावट आई है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने नए AI सूट के जरिए कितनी तेजी से ग्रोथ हासिल करती है और क्या यह आगे चलकर कंपनी को मुनाफे की तरफ ले जा पाती है या नहीं।
