Shiprocket Ltd ने अपने नतीजों में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **33.8%** बढ़कर **₹5,920.87 मिलियन** पर पहुंच गया है, वहीं कंपनी का स्टैंडअलोन बिजनेस अब **₹201.64 मिलियन** के मुनाफे में बदल चुका है।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस की मजबूती
कंपनी ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी का रेवेन्यू ₹4,424.97 मिलियन था, जो अब बढ़कर ₹5,920.87 मिलियन हो गया है। साथ ही, कंपनी का कंसोलिडेटेड घाटा भी कम होकर ₹137.14 मिलियन रह गया है, जो पहले ₹180.33 मिलियन था। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का स्टैंडअलोन बिजनेस ₹89.85 मिलियन के घाटे से बाहर निकलकर अब ₹201.64 मिलियन के मुनाफे में आ गया है, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार को दर्शाता है।
गवर्नेंस और कॉर्पोरेट बदलाव
कंपनी ने गवर्नेंस में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। बोर्ड ने अगले 5 साल के लिए B S R & Co. LLP को नया वैधानिक ऑडिटर नियुक्त करने की सिफारिश की है, जो S. R. Batliboi & Associates LLP की जगह लेंगे। साथ ही, DMK Associates को सेक्रेटेरियल ऑडिटर की जिम्मेदारी दी गई है।
आगे की राह
कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए कंपनी ने ESOP 2016 (ट्रस्ट रूट) और ESOP 2024 (डायरेक्ट रूट) को मंजूरी दी है। अब निवेशकों की नजरें 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 15वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं, जहां इन नतीजों और नई नियुक्तियों पर विस्तार से चर्चा होगी।
