Sancode Technologies ने अपनी सेमीकंडक्टर सब्सिडियरी में **43 करोड़ रुपये** का निवेश किया है, जिससे उसकी हिस्सेदारी बढ़कर **95.74%** हो गई है। सब्सिडियरी ने ओडिशा सरकार द्वारा स्वीकृत OSAT प्रोजेक्ट के लिए **107 करोड़ रुपये** जुटाए हैं।
Sancode Technologies का सेमीकंडक्टर आर्म हुआ मजबूत: ₹43 करोड़ का बड़ा निवेश
Sancode Technologies Limited ने अपनी सब्सिडियरी Sancode Semi Private Limited में लगभग 43 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस निवेश के बाद, सब्सिडियरी में उनकी पूरी तरह से डाइल्यूटेड हिस्सेदारी बढ़कर 95.74% हो गई है।
निवेशकों के लिए खास: सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रणनीतिक बदलाव; यह एक हाई-कैपिटल, प्री-रेवेन्यू वेंचर है, इसके एग्जीक्यूशन पर नज़र रखें।
क्या हुआ?
Sancode Technologies ने अपनी सब्सिडियरी Sancode Semi Private Limited में 43 करोड़ रुपये में 12,647 कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) खरीदे हैं। यह निवेश सब्सिडियरी द्वारा किए गए बड़े कैपिटल रेज़ का हिस्सा है, जिसने कुल 107 करोड़ रुपये 31,467 CCPS के ज़रिए जुटाए हैं।
यह क्यों मायने रखता है?
यह कैपिटल इंफ्यूजन एक आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OSAT) प्रोजेक्ट के विकास के लिए है। ओडिशा सरकार द्वारा स्वीकृत इस प्रोजेक्ट में ज़मीन अधिग्रहण, टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, पैकेजिंग और टेस्टिंग के लिए एक प्लांट की स्थापना शामिल है।
बैकस्टोरी
Sancode Semi Private Limited को सितंबर 2025 में इनकॉर्पोरेट किया गया था और FY2025-26 के लिए इसने शून्य रेवेन्यू रिपोर्ट किया था। यह कदम Sancode Technologies के मौजूदा बिज़नेस से हटकर हाई-वैल्यू सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ओर एक रणनीतिक बदलाव का संकेत देता है।
अब क्या बदलेगा?
पेरेंट कंपनी ने सब्सिडियरी पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया है, अब उनके पास पूरी तरह से डाइल्यूटेड आधार पर 95.74% हिस्सेदारी है। यह Sancode Technologies को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेमीकंडक्टर बाज़ारों में अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार करता है।
जोखिम
सब्सिडियरी अभी प्री-रेवेन्यू स्टेज में है और हाल ही में इनकॉर्पोरेट हुई है। सेमीकंडक्टर/OSAT सेक्टर बेहद कैपिटल-इंटेंसिव है, और निवेशकों को प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन और रेवेन्यू जनरेशन की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को प्रोजेक्ट माइलस्टोन, ज़मीन अधिग्रहण में प्रगति, टेक्नोलॉजी की खरीद, प्लांट सेटअप और OSAT सुविधा से होने वाली रेवेन्यू जनरेशन की शुरुआत पर करीब से नज़र रखनी चाहिए।
