RailTel Corporation ने सरकारी क्षेत्र की एक और बड़ी डील हासिल कर ली है। कंपनी को The Cotton Corporation of India से क्लाउड डिजास्टर रिकवरी (DR) सेटअप के लिए **₹27.38 करोड़** का काम मिला है, जो कंपनी के ऑर्डर बुक को लंबी अवधि के लिए मजबूत करेगा।
बड़ी डील की डिटेल्स
इस प्रोजेक्ट का कुल वैल्यू ₹27,38,05,705 (टैक्स को छोड़कर) है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत RailTel को डेडिकेटेड 'क्लाउड डिजास्टर रिकवरी' समाधान तैयार करना है। इसका मतलब है कि कंपनी को हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर रेप्लिकेशन का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा ताकि डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे। यह प्रोजेक्ट 30 नवंबर 2031 तक चलेगा, जो कंपनी को अगले कई सालों तक एक स्थिर और तय कमाई का जरिया देगा।
किन सर्विसेज पर रहेगा फोकस?
RailTel इस प्रोजेक्ट के जरिए Cotton Corporation के कई महत्वपूर्ण सरकारी एप्लीकेशन को सुरक्षा प्रदान करेगा। इसमें मुख्य रूप से Oracle EBS, e-Office, BITS, Cotbiz और Kapas Kisan जैसे क्रिटिकल सिस्टम शामिल हैं। यह डील साबित करती है कि सरकारी संस्थाएं अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए RailTel पर भरोसा जता रही हैं।
क्यों है यह निवेशकों के लिए अहम?
रेलवे मंत्रालय के तहत आने वाली यह मिनी रत्न कंपनी अब सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर बेचने तक सीमित नहीं है। वे अब ICT और क्लाउड सर्विसेज में एक बड़ी खिलाड़ी बनकर उभर रहे हैं। इस तरह के लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनी को तिमाही-दर-तिमाही एक अनुमानित (annuity-style) रेवेन्यू मिलता रहता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस प्रोजेक्ट के जरिए अपना मार्जिन कैसे मेंटेन करती है और क्या वे आने वाले समय में ऐसे ही और क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स जीत पाते हैं या नहीं।
