RailTel Q2 Results: रेवेन्यू में **28%** का जबरदस्त उछाल, सरकारी पेमेंट में देरी से मुनाफे पर असर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
RailTel Q2 Results: रेवेन्यू में **28%** का जबरदस्त उछाल, सरकारी पेमेंट में देरी से मुनाफे पर असर

RailTel ने Q2 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू **28%** बढ़कर **₹1,146 करोड़** हो गया है, लेकिन सरकारी पेमेंट में देरी के कारण **₹32 करोड़** का प्रोविजन (ECL) करने से मुनाफे पर दबाव दिखा है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र

कंपनी ने इस तिमाही में ₹1,146 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया है, जो इसकी बढ़ती ऑपरेशनल ताकत को दर्शाता है। हालांकि, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹69 करोड़ रहा। मुनाफे में इस कमी की मुख्य वजह 'अनयूजुअल' यानी असामान्य ₹32 करोड़ का 'एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस' (ECL) प्रोविजन है। मैनेजमेंट ने साफ किया है कि सरकारी विभागों से पेमेंट में देरी के कारण यह कदम उठाना पड़ा।

ऑर्डर बुक और भविष्य की राह

निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी के पास ₹12,282 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आने वाले समय के लिए रेवेन्यू की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है। केवल चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1 FY27) में ही कंपनी ने ₹2,458 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए हैं।

डेटा सेंटर और KAVACH प्रोजेक्ट

कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं पर काम कर रही है:

  • डेटा सेंटर: नोएडा में 10MW का डेटा सेंटर मई 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, बाजार में फिलहाल डिमांड कम होने के कारण अन्य एज (Edge) डेटा सेंटर्स के काम को धीमा कर दिया गया है।
  • KAVACH: रेलवे सुरक्षा से जुड़ा यह प्रोजेक्ट अभी डिजाइन और अप्रूवल स्टेज में है। Q4 FY27 में इससे ₹50 करोड़ से ₹100 करोड़ तक के रेवेन्यू की उम्मीद है।

निवेशकों के लिए जोखिम

सरकारी क्लाइंट्स से पेमेंट मिलने में देरी अभी भी सबसे बड़ा रिस्क बना हुआ है। इसके अलावा, KAVACH प्रोजेक्ट का समय पर पूरा होना रेगुलेटरी अप्रूवल पर निर्भर करेगा। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि क्या ECL प्रोविजन कम होते हैं या नहीं, ताकि मुनाफे पर इसका स्ट्रक्चरल असर न पड़े।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.