RNIT AI Solutions ने सितंबर तिमाही के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹16.41 करोड़** पर पहुंच गया है और नेट प्रॉफिट में **30%** से ज्यादा का इजाफा हुआ है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के निगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो और बढ़ते ट्रेड रिसीवेबल्स पर नजर रखने की जरूरत है।
नतीजों का लेखा-जोखा
सितंबर 2026 में समाप्त हुई तिमाही के लिए कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू ₹13.72 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹16.41 करोड़ हो गया है। इसी तरह, कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) भी ₹3.25 करोड़ से बढ़कर ₹4.24 करोड़ पर पहुंच गया है, जो 30.5% की दमदार बढ़त को दर्शाता है। वहीं, अर्निंग पर शेयर (EPS) भी ₹0.43 से सुधरकर ₹0.50 हो गया है।
बैलेंस शीट में बदलाव
मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी की बैलेंस शीट में पूंजी का दबाव साफ दिख रहा है। कुल एसेट्स बढ़कर ₹183.21 करोड़ हो गए हैं, जबकि नॉन-करंट बोरोइंग्स मार्च 2026 की तुलना में लगभग तीन गुना बढ़कर ₹12.15 करोड़ पर पहुंच गई हैं।
निवेशकों के लिए चिंताएं (Risks)
कंपनी के लिए लिक्विडिटी मैनेजमेंट एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी को ऑपरेटिंग गतिविधियों से ₹7.10 करोड़ का नेट कैश आउटफ्लो हुआ है। इसकी मुख्य वजह ट्रेड रिसीवेबल्स (लेनदारी) का बढ़ना है, जो मार्च 2026 के ₹20.63 करोड़ से बढ़कर ₹30.85 करोड़ हो गए हैं। समय पर पेमेंट न मिलने से कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है।
आगे क्या?
कंपनी के बोर्ड ने 29 अक्टूबर 2026 को इन नतीजों को मंजूरी दी है। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने बढ़े हुए ट्रेड रिसीवेबल्स को कितनी जल्दी कैश में बदल पाती है, क्योंकि यही भविष्य में कैश फ्लो की मजबूती तय करेगा।
