साइबर सुरक्षा कंपनी Quick Heal Technologies ने अपनी 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तारीख का ऐलान कर दिया है। यह बैठक **23 सितंबर, 2026** को होगी, जो ऐसे समय पर हो रही है जब कंपनी को फाइनेंशियल ईयर **2026** में **₹10.93 करोड़** का नेट लॉस उठाना पड़ा है।
मुनाफे से नुकसान का सफर
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी के लिए यह साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। FY26 में कंपनी की टोटल इनकम गिरकर ₹283.85 करोड़ रह गई, जो पिछले साल ₹300.30 करोड़ थी। मुनाफे की बात करें, तो जो कंपनी FY25 में ₹5.04 करोड़ के प्रॉफिट में थी, वह अब ₹10.93 करोड़ के घाटे में चली गई है।
क्यों खराब हुए नतीजे?
मैनेजमेंट ने इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं:
- पारंपरिक कंज्यूमर सेगमेंट से आने वाले रेवेन्यू में कमी।
- रेवेन्यू मिक्स में बदलाव।
- क्लाउड और एंटरप्राइज सिक्योरिटी में भारी निवेश।
कंपनी अब अपना फोकस कंज्यूमर बिजनेस से हटाकर एंटरप्राइज साइबर सिक्योरिटी की ओर शिफ्ट कर रही है, ताकि रिकरिंग रेवेन्यू के जरिए मार्जिन में सुधार किया जा सके।
AGM का एजेंडा
23 सितंबर, 2026 को होने वाली इस वर्चुअल मीटिंग में कई अहम फैसले लिए जाएंगे:
- संजय काटकर की रोटेशन के आधार पर दोबारा नियुक्ति।
- इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रिचर्ड स्टिनन का दूसरा 5 साल का कार्यकाल।
- बोर्ड के अन्य स्वतंत्र निदेशकों, जैसे अमिताभ मुखोपाध्याय, कमल कुमार अग्रवाल और अमिता मिराजकर के मानदेय (remuneration) पर मतदान।
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी होंगी कि कंपनी का नया 'एंटरप्राइज मॉडल' कितनी तेजी से रफ्तार पकड़ता है और कंपनी कब तक वापस प्रॉफिट जोन में लौटती है।
