Quick Heal Technologies ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार वापसी की है। कंपनी ने **₹5.8 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही के घाटे के बाद एक बड़ा बदलाव है।
मुनाफे में कैसे आई कंपनी?
कंपनी ने Q1 के ₹5.3 करोड़ के घाटे से उबरते हुए इस तिमाही में ₹5.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। इसके अलावा, कंपनी का EBITDA भी ₹2.3 करोड़ के पॉजिटिव लेवल पर आ गया है, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹17.6 करोड़ के नुकसान में था। इस रिकवरी की मुख्य वजह बेहतर क्रेडिट कंट्रोल और बेहतर कलेक्शन साइकिल रही है। कंपनी ने अपने रिसीवेबल्स को ₹106.6 करोड़ से घटाकर ₹97.8 करोड़ तक लाने में कामयाबी हासिल की है।
रेवेन्यू का गणित
Q2 FY27 में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹64.9 करोड़ रहा। सेगमेंट के हिसाब से बात करें, तो कंज्यूमर सेगमेंट से ₹35.8 करोड़ और एंटरप्राइज सेगमेंट से ₹35.5 करोड़ का रेवेन्यू मिला है। हालांकि, पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू में कमी देखी गई है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। पिछले साल इसी अवधि में रेवेन्यू ₹83.5 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹7.9 करोड़ था।
नेतृत्व और शासन में बदलाव
कंपनी ने गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए Shailesh Shinde को नया कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त किया है। साथ ही, फाइनेंशियल ईयर के लिए Grant Thornton Bharat LLP को इंटरनल ऑडिटर के रूप में नियुक्त किया गया है, जो गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स की निगरानी करेंगे।
आगे की राह
निवेशकों को अब यह ट्रैक करना होगा कि क्या कंपनी रेवेन्यू में आ रही कमी को आने वाली तिमाहियों में दूर कर पाती है या नहीं। एंटरप्राइज सेगमेंट को कंपनी अपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए एक मजबूत आधार मानकर चल रही है।
