Persistent Systems का बड़ा कदम: Nagarro SE को **₹81 प्रति शेयर** में खरीदेगी, बनेगी 2.9 अरब डॉलर की कंपनी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Persistent Systems का बड़ा कदम: Nagarro SE को **₹81 प्रति शेयर** में खरीदेगी, बनेगी 2.9 अरब डॉलर की कंपनी

Persistent Systems, Nagarro SE को खरीदने की तैयारी में है। कंपनी पहले **21%** हिस्सेदारी खरीदेगी, जिसके बाद **100%** अधिग्रहण का प्रस्ताव है। इस डील से **2.9 अरब डॉलर** रेवेन्यू वाली और **46,000** से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनी बनेगी।

Persistent Systems Nagarro SE का अधिग्रहण करेगी

Persistent Systems ने Nagarro SE के 100% अधिग्रहण का ऐलान किया है। यह डील €81.00 प्रति शेयर के भाव पर होगी।

क्या हुआ है?

Persistent Systems ने Nagarro SE को खरीदने का इरादा जताया है। शुरुआत में, Persistent, Lantano Beteiligungen GmbH से 21% हिस्सेदारी €81.00 प्रति शेयर के भाव पर खरीदेगी। इसके बाद, एक पब्लिक ऑफर के जरिए Nagarro SE के 100% शेयरों का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव है। इस डील के लिए Persistent ने Galaxy Germany Holding SE (BidCo) नाम से एक नई जर्मन सब्सिडियरी बनाई है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

यह अधिग्रहण Persistent Systems के लिए एक बड़ा स्ट्रेटेजिक कदम है। इसका मकसद एक बड़ी AI-led इंजीनियरिंग फर्म बनाना है, जिसका कम्बाइंड प्रो-फॉर्मा रेवेन्यू करीब 2.9 अरब डॉलर होगा। इससे Persistent की ग्लोबल पहुंच बढ़ेगी, खासकर यूरोप में। यह Nagarro की इंडस्ट्रीज, कंज्यूमर, TMT और BFSI जैसे सेक्टर्स की विशेषज्ञता के साथ Persistent की AI और नॉर्थ अमेरिका की क्षमताओं को और मजबूत करेगा।

डील की पृष्ठभूमि

Nagarro SE ने लगातार रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है, जो CY 2023 में €912.1 मिलियन थी और CY 2025 तक €999.3 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। Persistent Systems भी अपनी ग्लोबल उपस्थिति बढ़ा रही है। यह डील IT सर्विसेज सेक्टर में कंसॉलिडेशन के ट्रेंड के अनुरूप है, जहां कंपनियां ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने के लिए स्केल और व्यापक क्षमताएं तलाश रही हैं।

अब क्या बदलेगा?

सफल अधिग्रहण के बाद, Persistent Systems के कर्मचारियों की संख्या 46,000 से अधिक हो जाएगी, जो 40 से ज्यादा देशों में फैले होंगे। कम्बाइंड एंटिटी AI-led इंजीनियरिंग और मार्केट प्रेजेंस में सिनर्जी का फायदा उठाने का लक्ष्य रखेगी। यह अधिग्रहण सामान्य क्लोजिंग कंडीशंस और रेगुलेटरी अप्रूवल के अधीन है।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

इस डील में मुख्य जोखिम भारत और विदेश की विभिन्न सरकारी और प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों से जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल प्राप्त करना है। इसके अलावा, यह ट्रांजेक्शन €1.4 बिलियन के ब्रिज फाइनेंसिंग फैसिलिटी पर निर्भर करता है, जो अल्पकालिक अवधि के लिए कर्ज पर निर्भरता को दर्शाता है।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को Nagarro SE के शेयरों के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल और टेंडर ऑफर की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। Nagarro के ऑपरेशंस का सफल इंटीग्रेशन और ब्रिज फाइनेंसिंग का प्रभावी मैनेजमेंट कम्बाइंड एंटिटी के भविष्य के परफॉरमेंस के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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