Persistent Systems और Nagarro का सौदा: 50% से ज्यादा हिस्सेदारी पक्की, कंपनी जुटाएगी बड़ा फंड

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AuthorMehul Desai|Published at:
Persistent Systems और Nagarro का सौदा: 50% से ज्यादा हिस्सेदारी पक्की, कंपनी जुटाएगी बड़ा फंड

Persistent Systems ने Nagarro SE के अधिग्रहण की दिशा में बड़ी सफलता हासिल कर ली है। कंपनी ने 50% से अधिक शेयरों का लक्ष्य हासिल कर लिया है और अपनी इस डील को पूरा करने के लिए **$450 मिलियन** का इक्विटी फंड जुटाने की तैयारी में है।

अधिग्रहण और फाइनेंशियल अपडेट

कंपनी के हालिया इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर इंटरेक्शन में बड़ी अपडेट सामने आई है। Persistent Systems ने Nagarro SE के अधिग्रहण के लिए तय 50% प्लस वन शेयर थ्रेसहोल्ड को पार कर लिया है। इस डील की वैल्यू EUR 81 प्रति शेयर तय की गई है और इसके Q4 CY26 से Q1 CY27 के बीच पूरा होने की उम्मीद है।

वहीं, अगर फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें, तो Q1 FY27 में कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 16.1% बढ़कर $452.4 मिलियन पर पहुंच गया है। यह कंपनी की लगातार 25वीं ऐसी तिमाही रही है जब रेवेन्यू में क्रमिक वृद्धि देखी गई है।

क्यों है यह डील खास?

यह अधिग्रहण Persistent के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जिससे कंपनी के सालाना रेवेन्यू में लगभग EUR 1 बिलियन का इजाफा होने की उम्मीद है। इस डील से कंपनी का यूरोप में दबदबा बढ़ेगा और उसे ऑटोमोटिव, मैन्युफैक्चरिंग तथा इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में नई मजबूती मिलेगी।

आगे की राह और चुनौतियां

अक्टूबर में होने वाली EGM (Extraordinary General Meeting) में $450 मिलियन के इक्विटी रेज को मंजूरी दी जाएगी, जो कुल $1.25 बिलियन की कैपिटल रिक्वायरमेंट को पूरा करने में मदद करेगा। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि जर्मनी की कंपनी के ऑपरेशंस को भारतीय वर्क कल्चर के साथ इंटीग्रेट करना एक बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल, निवेशक कंपनी की अगली रणनीति और AI-लेड सर्विसेज पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.