Persistent Systems ने वित्त वर्ष **2027** की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹4,663.9 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि नेट प्रॉफिट में पिछले साल के **₹471.5 करोड़** से घटकर **₹351.5 करोड़** पर आ गया है।
क्या है गिरावट की वजह?
जहां कंपनी का कामकाज तेजी से फैल रहा है और टॉपलाइन ग्रोथ 30% से ज्यादा देखी जा रही है, वहीं बॉटमलाइन पर एक्विजिशन और इंटीग्रेशन से जुड़े खर्चों का भारी दबाव दिखा है।
बड़ी डील और भविष्य की तैयारी
कंपनी ने Nagarro SE में 94.04% की बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर ली है, जो इसकी आक्रामक विस्तार नीति का हिस्सा है। इस ग्रोथ को गति देने के लिए शेयरधारकों ने $1.25 बिलियन तक की फंडरेजिंग को हरी झंडी दे दी है।
फंड का उपयोग और रिस्क
- $450 मिलियन तक का फंड सिक्योरिटीज या कन्वर्टिबल इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए जुटाया जाएगा।
- Nagarro SE के लिए €1,540 मिलियन की कॉरपोरेट गारंटी दी गई है।
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि यह मर्जर कंपनी के मार्जिन्स को कितनी जल्दी रिकवर करता है और नए कर्ज का कंपनी की ब्याज अदायगी क्षमता पर क्या असर पड़ता है।
