Persistent Systems ने Q2 FY27 में दमदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू को **USD 487.6 मिलियन** तक पहुँचा दिया है। कंपनी ने Nagarro के **94.04%** शेयर हासिल कर लिए हैं, हालांकि अधिग्रहण से जुड़े खर्चों का असर मुनाफे पर दिखा है।
मुनाफे पर अधिग्रहण का दबाव
कंपनी ने Q2 में शानदार टॉप-लाइन ग्रोथ दिखाई है, जहाँ रेवेन्यू साल-दर-साल 20% बढ़कर USD 487.6 मिलियन (करीब ₹4,663.9 करोड़) पर पहुंच गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट (PAT) ₹351.5 करोड़ रहा, जो कि Nagarro अधिग्रहण से जुड़े वन-टाइम खर्चों के कारण प्रभावित हुआ। इन खर्चों का असर कुल प्रॉफिट पर करीब 3.1% रहा है।
Nagarro अधिग्रहण और फंडिंग का अपडेट
Persistent Systems ने Nagarro की 94.04% हिस्सेदारी सुरक्षित कर ली है। अब कंपनी माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए 'स्क्वीज-आउट' प्रक्रिया शुरू कर रही है, जिसके Q4-CY26 या Q1-CY27 तक पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल ऑस्ट्रिया और स्पेन से रेगुलेटरी मंजूरी का इंतजार है। इस डील के लिए कंपनी USD 1.25 बिलियन जुटा रही है, जिसमें USD 450 मिलियन इक्विटी या QIP के जरिए आएंगे।
मार्जिन और एक्सपेंस का गणित
कंपनी का EBIT मार्जिन 15% रहा, जिसमें साल-दर-साल 130 bps की गिरावट आई है। मार्जिन पर दबाव के मुख्य कारण 180 bps का वेज हाइक (Wage Hike) और बड़े डील्स से जुड़ा अमोर्टाइजेशन खर्च (90 bps) रहे। मैनेजमेंट ने 16-17% का मार्जिन टारगेट बरकरार रखा है, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में वन-टाइम लागत कम होगी।
ऑर्डर बुक और भविष्य की राह
कंपनी ने इस तिमाही में USD 633.5 मिलियन की कुल TCV हासिल की है। 'सॉफ्टवेयर, हाई-टेक और इमर्जिंग' वर्टिकल्स में 28.5% की बढ़त देखी गई है। कंपनी का फोकस अब AI के जरिए 'सॉफ्टवेयर रीइन्वेंशन सर्विसेज' पर है। निवेशकों को आने वाले दिनों में यूरोप में रेगुलेटरी अप्रूवल और मार्जिन में सुधार की गति पर नजर रखनी चाहिए।
