Persistent Systems ने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए Nagarro SE में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर **94.04%** कर ली है। कंपनी का यह कदम टेक सेक्टर में एक बड़े कंसोलिडेशन के रूप में देखा जा रहा है।
बाजार में दबदबा बनाने की तैयारी
Persistent Systems ने Nagarro SE के लिए अपने वॉलंटरी पब्लिक टेकओवर ऑफर को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कंपनी ने 6 अक्टूबर, 2026 को समाप्त हुई दूसरी एक्सेप्टेंस अवधि के दौरान 10.79% अतिरिक्त शेयर हासिल किए हैं, जिसमें करीब 1,335,114 शेयर शामिल हैं।
अगर हम अब तक के आंकड़ों को देखें, तो कंपनी की मौजूदा होल्डिंग में 61.15% शेयर शुरुआती एक्सेप्टेंस पीरियड के और 22.10% हिस्सा Lantano Beteiligungen GmbH से पहले ही अधिग्रहित किया गया था। इस तरह अब कुल हिस्सेदारी 94.04% पर पहुंच गई है।
क्यों है यह बड़ा कदम?
यूरोपीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए Persistent Systems के लिए यह एक रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक है। 94% से अधिक का आंकड़ा छूने का मतलब है कि कंपनी अब Nagarro SE पर लगभग पूर्ण नियंत्रण पा चुकी है। इससे दोनों कंपनियों के बीच टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो और रिसोर्सेज के एकीकरण में तेजी आएगी, जिसका सीधा फायदा लंबी अवधि में निवेशकों को मिल सकता है।
अब आगे क्या होगा?
हालांकि हिस्सेदारी अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ औपचारिकताएं अभी बाकी हैं। ऑफर डॉक्यूमेंट के मुताबिक, शेयर सेटलमेंट की प्रक्रिया कुछ रेगुलेटरी शर्तों के पूरा होने के बाद ही शुरू होगी। फिलहाल मार्केट की नजर अब इसके फाइनल सेटलमेंट डेट और मैनेजमेंट द्वारा किए जाने वाले ऑपरेशनल एकीकरण की घोषणाओं पर टिकी है।
