Persistent Systems का बड़ा दांव: Nagarro को ₹10,700 करोड़ में खरीदा, $650 मिलियन से ज़्यादा का नया सौदा पक्का!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Persistent Systems का बड़ा दांव: Nagarro को ₹10,700 करोड़ में खरीदा, $650 मिलियन से ज़्यादा का नया सौदा पक्का!

Persistent Systems ने Nagarro को **€1.27 बिलियन** (लगभग ₹10,700 करोड़) में खरीदने का ऐलान किया है। साथ ही, कंपनी ने **$650 मिलियन** (₹5,400 करोड़) से ज़्यादा का एक नया बड़ा कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल कर लिया है। इन कदमों से कंपनी का ग्लोबल दबदबा और AI क्षमताएं काफी बढ़ने की उम्मीद है।

Persistent Systems का ग्लोबल विस्तार: Nagarro अधिग्रहण और बड़े सौदे का मास्टरस्ट्रोक

Persistent Systems ने एक बड़ा कदम उठाते हुए Nagarro की 100% हिस्सेदारी को €1.27 बिलियन (एंटरप्राइज वैल्यू) में खरीदने की घोषणा की है। इस सौदे के तहत Nagarro के हर शेयर के लिए €81 की पेशकश की गई है। इस अधिग्रहण से दोनों कंपनियों के संयुक्त होने पर $2.9 बिलियन से ज़्यादा का रेवेन्यू खड़ा होने का अनुमान है।

क्या हुआ है?

Persistent Systems और Nagarro के बीच एक बिज़नेस कॉम्बिनेशन एग्रीमेंट हुआ है। इस सौदे का कुल मूल्य €1.27 बिलियन है, जिसके लिए €1.4 बिलियन की ब्रिज फैसिलिटी Barclays से ली गई है। Persistent Systems ने पहले ही Nagarro में 21% हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इसके साथ ही, कंपनी ने अमेरिका की एक बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ एक लंबी अवधि का कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किया है, जिससे हर साल $125 मिलियन से ज़्यादा का रेवेन्यू आने की उम्मीद है। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल वैल्यू $650 मिलियन (₹5,400 करोड़) से ज़्यादा है, जो अगले 6.5 साल तक चलेगा।

क्यों है यह अहम?

Nagarro के अधिग्रहण से Persistent Systems की SAP इम्प्लीमेंटेशन और AI इंजीनियरिंग क्षमताओं में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा होगा। इससे कंपनी का भौगोलिक विस्तार भी बढ़ेगा, खासकर यूरोप में, जहां संयुक्त रेवेन्यू का लगभग 22% हिस्सा आएगा। इसके अलावा, मध्य पूर्व और जापान जैसे नए बाजारों में भी कंपनी की दस्तक होगी। संयुक्त रूप से, यह कंपनी 40 देशों में 46,000 से ज़्यादा कर्मचारियों के साथ काम करेगी।

वहीं, नए कॉन्ट्रैक्ट से कंपनी के रेवेन्यू और मार्जिन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, साथ ही कंपनी को भविष्य के लिए अच्छी खासी रेवेन्यू विजिबिलिटी मिल गई है।

पूरी कहानी

Persistent Systems लगातार डिजिटल इंजीनियरिंग और AI-आधारित सॉल्यूशंस पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह अधिग्रहण कंपनी के स्केल और मार्केट रीच को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर यूरोपीय बाज़ार में। कंपनी ने पिछले कुछ समय में मज़बूत ग्रोथ दर्ज की है, और FY26 के लिए $1.654 बिलियन के रेवेन्यू का अनुमान है, जिसमें 5-साल की CAGR 23.9% है।

अब क्या बदलेगा?

शुरुआत में, Persistent Systems Nagarro के बिजनेस को अपने मौजूदा कारोबार के साथ ही चलाएगी, और धीरे-धीरे इसे इंटीग्रेट किया जाएगा ताकि काम में कोई रुकावट न आए। उम्मीद है कि यह अधिग्रहण कैश EPS और रिपोर्टेड EPS दोनों में साल 1 से बढ़ोतरी लाएगा (ट्रांज़ैक्शन खर्चों को छोड़कर)। कंपनी का लक्ष्य नेट डेट/कंबाइंड EBITDA लीवरेज को 1.9x से 2.5x से घटाकर FY2030 तक 1x करना है।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

इस सौदे से जुड़े मुख्य जोखिमों में ब्रिज फाइनेंसिंग से आया भारी कर्ज़ और Nagarro को इंटीग्रेट करने की जटिलता शामिल है। निवेशकों को जर्मनी (BaFin) और भारत में रेगुलेटरी अप्रूवल पर भी नज़र रखनी होगी। Nagarro के पुराने अकाउंटिंग मुद्दों पर मैनेजमेंट का कहना है कि यह एक पुराने कार्व-आउट से संबंधित थे, न कि वर्तमान ऑपरेशंस से।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को रेगुलेटरी अप्रूवल की प्रगति, Nagarro के सफल इंटीग्रेशन और कंपनी की कर्ज प्रबंधन क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, मार्जिन को बनाए रखने और बेहतर बनाने में कंपनी की परफॉरमेंस भी महत्वपूर्ण होगी।

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