लिस्टिंग के बाद पहले साल में ही Pace Digitek ने कमाल कर दिया है। कंपनी ने FY2026 के लिए **₹11,000 करोड़** से ज्यादा की ऑर्डर बुक हासिल की है और अब अपने Battery Energy Storage Systems (BESS) बिजनेस को **10 GWh** तक ले जाने की तैयारी में है।
शानदार ग्रोथ और मजबूत ऑर्डर बुक
Pace Digitek ने लिस्टिंग के बाद अपने पहले साल में ही बाजार में अपना दबदबा बनाया है। कंपनी की ऑर्डर बुक में बड़ा उछाल आया है, जो पिछले साल के ₹7,634 करोड़ से बढ़कर ₹11,000 करोड़ के पार पहुंच गई है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी ₹2,439 करोड़ से बढ़कर ₹2,641 करोड़ हो गया है।
स्ट्रैटेजिक शिफ्ट: टेलीकॉम से एनर्जी तक
कंपनी अब तेजी से अपने पुराने टेलीकॉम और पावर-इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस से निकलकर इंटीग्रेटेड एनर्जी स्टोरेज की ओर बढ़ रही है। फिलहाल कंपनी के कुल ऑर्डर का 88.7% हिस्सा केवल एनर्जी सेगमेंट से आ रहा है। कंपनी अब सिस्टम इंटीग्रेशन और EPC जैसे प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा बदलाव
कंपनी की ऑपरेशनल दक्षता में भी सुधार हुआ है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता अब 5 GWh तक पहुंच गई है, जो IPO के समय से दोगुनी है। कंपनी ने पिछले 12 महीनों में 1.6+ GWh क्षमता के 350 से ज्यादा कंटेनर डिलीवर किए हैं। सबसे खास बात यह है कि प्रोडक्ट रिजेक्शन रेट 5% से घटकर मात्र 0.5% रह गया है।
भविष्य की रणनीति और रिस्क
कंपनी FY2027 के अंत तक अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 10 GWh तक ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। हालांकि, जैसे-जैसे कंपनी बड़े EPC प्रोजेक्ट्स की तरफ बढ़ रही है, निवेशकों को इसके वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और मार्जिन पर नजर रखनी होगी। साथ ही, BSNL और TANFINET जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए टेलीकॉम सेक्टर में कंपनी की पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है।
