Orient Technologies का FY26 मुनाफा गिरकर मात्र **₹2.79 करोड़** रह गया है। कंपनी अपने बिजनेस मॉडल को सर्विसेज की ओर ले जा रही है, लेकिन SEBI की इनसाइडर ट्रेडिंग जांच ने निवेशकों के लिए जोखिम खड़ा कर दिया है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। Orient Technologies का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट गिरकर ₹2.79 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹50.44 करोड़ था। हालांकि, कंपनी की कुल इनकम मामूली बढ़त के साथ ₹870.67 करोड़ रही है।
सर्विसेज पर दांव
कंपनी अब अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से सर्विसेज-लेड (services-led) मॉडल में बदलने की कोशिश कर रही है। सर्विसेज से आने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 33% बढ़कर ₹446.56 करोड़ पहुंच गया है। मैनेजमेंट का मानना है कि नए सर्विस डिलीवरी सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन्स पर किए गए खर्चों के कारण शॉर्ट-टर्म में मार्जिन्स पर दबाव है।
नई खरीदारी और निवेश
अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कंपनी ने Red Hut Innovation Technology का अधिग्रहण किया है। इसके अलावा, Athena IT and Telecom Solutions और AIT Internet Services में ₹7.71 करोड़ का निवेश किया है, ताकि SD-WAN और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अपनी क्षमता को बढ़ाया जा सके।
SEBI का शिकंजा
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय SEBI की जांच है। कंपनी ने बताया है कि सितंबर 2024 की तिमाही के दौरान कथित इनसाइडर ट्रेडिंग (UPSI) को लेकर SEBI के इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने पूछताछ की है। कंपनी ने मार्च 2026 में अपना जवाब दाखिल कर दिया है और अब अगली सूचना का इंतजार है।
आगे क्या?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल नजरें SEBI की जांच के नतीजे पर होनी चाहिए। इसके अलावा, कंपनी का ₹400 करोड़ का ऑर्डर बुक इसे FY27 में कैसे रेवेन्यू में बदल पाता है, यह कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेगा।
