Orchasp Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में शानदार वापसी की है। कंपनी ने **₹1.05 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के **₹10.52 करोड़** के नुकसान के मुकाबले एक बड़ा सुधार है। साथ ही, कर्ज चुकाने के लिए प्रमोटर्स को **1.5 करोड़** शेयर जारी करने का फैसला लिया गया है। हालांकि, ऑडिटर्स की कुछ टिप्पणियों के कारण निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह है।
मुनाफे का गणित और प्रमोटर का दांव
Orchasp Ltd के हालिया नतीजों में कंपनी ने ₹21.26 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है। अपनी बैलेंस शीट को बेहतर बनाने के लिए बोर्ड ने प्रमोटर एंटिटी 'M/s Wahtulmsylh Llmqawlat' को 1.5 करोड़ नए शेयर जारी करने की मंजूरी दी है। यह इश्यू ₹4.74 प्रति शेयर के भाव पर होगा, जिसकी कुल वैल्यू ₹7.11 करोड़ है। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनी पर चढ़े पुराने कर्ज को इक्विटी में बदलना है।
ऑडिटर्स की चिंता और चुनौतियां
कंपनी का मुनाफे में आना अच्छी खबर है, लेकिन स्टेट्यूटरी ऑडिटर की रिपोर्ट में कुछ गंभीर सवाल भी उठाए गए हैं। इसमें पुर्तगाल की सब्सिडियरी 'Cybermate International' का वैल्यूएशन और मार्च 2026 तक के TDS जैसे सरकारी बकाया भुगतान न होना शामिल है। सबसे बड़ी चिंता ₹12.58 करोड़ की GST डिमांड है, जो 2021-24 के ऑडिट के बाद से कंपनी के लिए एक बड़ा बोझ बनी हुई है।
आगे की राह
मैनेजमेंट का कहना है कि लिक्विडिटी की कमी एक अस्थायी दौर है और वे टैक्स से जुड़े विवादों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी इस भारी-भरकम GST डिमांड को कैसे हैंडल करती है—क्या वे इसे चुकाएंगे या कानूनी रास्ता चुनेंगे? इसके अलावा, अमेरिका और पुर्तगाल की संपत्तियों की स्थिति और लंबित FEMA विवादों का निपटारा शेयर की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
