Optiemus Infracom का बड़ा दांव: Nothing Electronics के साथ बनाई जॉइंट वेंचर, मिलेगी **51.1%** हिस्सेदारी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Optiemus Infracom का बड़ा दांव: Nothing Electronics के साथ बनाई जॉइंट वेंचर, मिलेगी **51.1%** हिस्सेदारी

Optiemus Infracom ने Nothing Electronics के साथ एक बाइंडिंग टर्म शीट पर साइन किए हैं। इस जॉइंट वेंचर के जरिए कंपनी **51.1%** स्टेक हासिल करेगी, जिसका मकसद भारत में पहली बार फुल-स्टैक स्मार्टफोन R&D और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।

स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा बदलाव

इस पार्टनरशिप का मुख्य लक्ष्य सिर्फ असेंबली तक सीमित न रहकर भारत में स्मार्टफोन की पूरी इंजीनियरिंग करना है। अब ये कंपनियां मिलकर CMF-ब्रांडेड मोबाइल प्रोडक्ट्स की डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग करेंगी।

डील की बारीकियां और शर्तें

कंपनी ने साफ किया है कि यह अधिग्रहण फेस वैल्यू पर किया जाएगा और यह प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी कोई 'रिलेटेड-पार्टी' ट्रांजैक्शन नहीं है।

  • ओनरशिप: Optiemus के पास 51.1% की हिस्सेदारी होगी।
  • गवर्नेंस: बोर्ड में एक डायरेक्टर Optiemus और एक डायरेक्टर Nothing की ओर से नियुक्त किया जाएगा।

निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?

यह कदम Optiemus को इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में और ऊपर ले जाएगा। कंपनी अब इंडस्ट्रियल डिजाइन, कैमरा सिस्टम, सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी जैसी महत्वपूर्ण चीजों पर काम करेगी। यह कदम कंपनी को सिर्फ असेंबलर से बदलकर एक फुल-स्टैक इंजीनियर बनाने की दिशा में है।

रिस्क और आगे क्या?

हालांकि यह डील एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि अंतिम एग्रीमेंट और रेगुलेटरी मंजूरी मिलना अभी बाकी है। ऑपरेशनल इंटीग्रेशन और R&D क्षमताओं को स्केल करना कंपनी के लिए एक चुनौती हो सकती है। अब मार्केट की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस नए वेंचर को कितनी जल्दी कमर्शियल तौर पर शुरू कर पाती है और इसका रेवेन्यू पर कितना असर पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.