One 97 Communications Q2: मुनाफे पर कंपनी का जोर, क्वालिटी GMV पर फोकस

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
One 97 Communications Q2: मुनाफे पर कंपनी का जोर, क्वालिटी GMV पर फोकस

One 97 Communications अब वॉल्यूम के बजाय क्वालिटी GMV पर दांव लगा रही है। कंपनी ने **28%** की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है और AI के जरिए कॉस्ट एफिशिएंसी बढ़ाने की योजना बना रही है।

मुनाफे की राह पर कंपनी

One 97 Communications ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब 'ग्रोथ एट एनी कॉस्ट' की नीति से हटकर मुनाफे और कंट्रीब्यूशन मार्जिन पर ध्यान दे रही है। लगातार दूसरी तिमाही में कंपनी ने 28% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की है, जो बिजनेस की मजबूती को दर्शाता है। कंपनी ने इस तिमाही में 7,00,000 नए पेमेंट डिवाइस भी लगाए हैं।

क्यों है यह निवेश के लिए जरूरी?

कंपनी का मुख्य ध्यान अब ऐसी GMV (ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू) पर है जो सीधे बॉटम लाइन में योगदान दे। फिलहाल पेमेंट मार्जिन 9 बेसिस पॉइंट्स पर है, और यदि UPI पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू होता है, तो इससे मार्जिन में 2.5 बेसिस पॉइंट्स का और इजाफा हो सकता है। भविष्य की योजनाओं के लिए कंपनी ने ₹500 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है, जिसे इंटरनेशनल मार्केट और क्लाउड तकनीक में इस्तेमाल किया जाएगा।

AI का इस्तेमाल और भविष्य की चुनौतियां

कंपनी का कहना है कि क्लाउड और सॉफ्टवेयर पर बढ़ा हुआ खर्च कोई सिस्टमैटिक बोझ नहीं, बल्कि पेमेंट स्टैक को मजबूत करने का निवेश है। सेल्स, कलेक्शंस और नए ग्राहकों को जोड़ने के लिए अब AI का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, रेगुलेटरी अनिश्चितता और ₹400 करोड़ का डिवाइस डिप्लॉयमेंट का खर्च अभी भी कंपनी के सामने बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।

लेंडिंग बिजनेस पर साफ रुख

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसका लेंडिंग बिजनेस मॉडल केवल डिस्ट्रिब्यूशन तक सीमित रहेगा और वे 'बुक-ओनर' बनने की कोई योजना नहीं रखते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.