OnMobile Global का घाटा ₹11.49 करोड़ हुआ कम, रेवेन्यू में 10% की गिरावट

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AuthorAditya Rao|Published at:
OnMobile Global का घाटा ₹11.49 करोड़ हुआ कम, रेवेन्यू में 10% की गिरावट

OnMobile Global ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल उनका नेट लॉस 72% कम होकर ₹11.49 करोड़ हो गया है, भले ही कंपनी का रेवेन्यू 10% घटकर ₹516.85 करोड़ रहा। EBITDA में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी गेमिंग पर फोकस कर रही है और नए चैनल खोल रही है।

OnMobile Global ने रेवेन्यू घटने के बावजूद घटाया घाटा

OnMobile Global ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹573.02 करोड़ की तुलना में 10% घटकर ₹516.85 करोड़ रहा। वहीं, कंसॉलिडेटेड EBITDA में 110% से ज्यादा की जोरदार उछाल आई, जो ₹10.7 करोड़ से बढ़कर ₹29.7 करोड़ हो गया। कंपनी का नेट लॉस भी 72% कम होकर ₹11.49 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹40.54 करोड़ था। इसके अलावा, कंपनी के ग्रॉस कैश रिजर्व में भी बड़ी बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹40.2 करोड़ से बढ़कर ₹142 करोड़ हो गया।

क्यों मायने रखती है ये खबर?

बढ़े हुए EBITDA और कम हुए नेट लॉस से पता चलता है कि कंपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट मैनेजमेंट में सुधार कर रही है। कैश रिजर्व में इजाफा भविष्य के निवेश के लिए अच्छी स्थिति प्रदान करता है। हालांकि, रेवेन्यू में गिरावट यह संकेत देती है कि कंपनी को अपने पुराने बिजनेस सेगमेंट या बिजनेस मॉडल में बदलाव के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

कंपनी की नई रणनीति

OnMobile Global इन दिनों डिजिटल गेमिंग प्लेटफॉर्म पर ज्यादा फोकस कर रही है, साथ ही अपने मौजूदा एंटरटेनमेंट सर्विसेज को भी मैनेज कर रही है। इस बदलाव के दौर में कंपनी को थोड़ी राजस्व हानि का सामना करना पड़ सकता है।

अब क्या बदल रहा है?

कंपनी गेमिंग सेगमेंट पर अपना फोकस बढ़ा रही है। गेमिंग सब्सक्रिप्शन और प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई में पिछले साल के मुकाबले 38% की बढ़ोतरी हुई है, जो ₹154.5 करोड़ तक पहुंच गई है। ONMO+ Smart Console को लॉन्च करके कंपनी ई-कॉमर्स और रिटेल जैसे नए सेल्स चैनल में उतर रही है, ताकि वह सिर्फ टेलीकॉम पर निर्भर न रहे।

ध्यान देने योग्य जोखिम

निवेशकों को दो बातों पर ध्यान देना होगा: पहला, डेज सेल्स आउटस्टैंडिंग (DSO) 107 दिनों से बढ़कर 131 दिन हो गया है, जिसका मतलब है कि कंपनी को पैसा वसूलने में ज्यादा समय लग रहा है। दूसरा, कंपनी के ऑडिटर ने बताया है कि कुछ फील्ड्स के लिए अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में ऑडिट ट्रेल फैसिलिटी पूरी तरह से इनेबल नहीं थी, जिसका असर फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की सत्यता पर पड़ सकता है।

अगले कदम

आगे यह देखना अहम होगा कि कंपनी का गेमिंग सेगमेंट कितनी तेजी से बढ़ता है, ONMO+ Smart Console नए चैनलों में कितना सफल होता है, और कंपनी DSO को बेहतर बनाने और ऑडिटर की चिंताओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है।

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