Nucleus Software Exports Ltd ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू तो बढ़ा है, लेकिन बढ़ते खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट में **19.2%** की गिरावट आई है और यह **₹21.25 करोड़** रहा है।
मुनाफे में गिरावट की असल वजह
सितंबर तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। Nucleus Software ने ₹227.70 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 6.6% और तिमाही आधार पर 8.2% बढ़ा है। हालांकि, मुनाफे की बात करें तो यह पिछले साल के ₹26.29 करोड़ से घटकर इस बार ₹21.25 करोड़ पर आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के बढ़ते खर्चे हैं, जो इस तिमाही में ₹217.52 करोड़ तक पहुंच गए हैं।
कॉर्पोरेट अपडेट्स और आरएसयू (RSU) ग्रांट
कंपनी ने अपने एम्प्लॉई इंसेंटिव प्रोग्राम पर भी काम किया है। नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी ने मई 2026 में 2,50,000 और अगस्त 2026 में 9,060 RSUs (Restricted Stock Units) ग्रांट करने की मंजूरी दी है। इसके अलावा, कंपनी ने जुलाई 2026 में शेयरधारकों को ₹12.50 प्रति शेयर का डिविडेंड भी दिया था।
ऑडिट और आगे की राह
कंपनी के ऑडिटर्स ASA & Associates LLP ने नतीजों को लेकर अनमॉडिफाइड रिपोर्ट दी है, जो राहत की बात है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों को कैसे कंट्रोल करती है, क्योंकि प्रॉफिट मार्जिन में सुधार लाने के लिए लागत प्रबंधन (Cost Management) बहुत जरूरी हो गया है।
