Niks Technology Ltd की 12वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बड़े फैसले लिए गए हैं। कंपनी ने सभी **12** प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है, जिसमें ऑथोराइज्ड कैपिटल बढ़ाने और प्रेफरेंशियल शेयर जारी करने की योजना शामिल है।
क्या है कंपनी का नया प्लान?
30 सितंबर, 2026 को आयोजित 12वीं AGM में कंपनी को शेयरधारकों से बड़ी राहत मिली है। मैनेजमेंट अब कंपनी के स्ट्रक्चर में बदलाव करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। कंपनी ने FY 2025-26 के फाइनेंशियल नतीजों को अपनाने के साथ-साथ फंड जुटाने के लिए प्रेफरेंशियल इक्विटी और कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने की हरी झंडी ले ली है।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं इसके?
बोर्ड को अब फंड जुटाने की आजादी मिल गई है, जिससे भविष्य के बिजनेस एक्सपेंशन के लिए जरूरी कैपिटल आसानी से मिल सकेगी। हालांकि, रिटेल इन्वेस्टर्स को यहां इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) के रिस्क पर नजर रखनी चाहिए। जब नए शेयर बाजार में आएंगे, तो मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी कम हो सकती है।
आगे क्या होगा?
कंपनी में गवर्नेंस को लेकर भी स्थिरता बनी हुई है, जिसमें इंडिपेंडेंट डायरेक्टर पंकज कुमार और राकेश कुमार सिंह की दोबारा नियुक्ति हुई है। अब निवेशकों को BSE फाइलिंग्स पर नजर रखनी होगी, ताकि यह पता चल सके कि वारंट्स का कन्वर्जन कब होगा और फंड का उपयोग किस तरह किया जाएगा।
