Nazara Technologies ने FY 2025-26 की सालाना रिपोर्ट जारी कर दी है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **₹1,829 करोड़** रहा है। ग्रुप के कुल EBITDA का **90%** हिस्सा अब गेमिंग सेगमेंट से आ रहा है।
शानदार प्रदर्शन के बीच चुनौतियां
Nazara Technologies ने इस बार ₹1,829 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹254.8 करोड़ का EBITDA दर्ज किया है। गेमिंग बिजनेस कंपनी का असली 'इंजन' बनकर उभरा है, जिसने ₹1,072.2 करोड़ का रेवेन्यू और 24.7% का दमदार EBITDA मार्जिन हासिल किया है।
ग्लोबल विस्तार और स्ट्रैटेजिक कदम
कंपनी अब पूरी तरह 'गेमिंग-फर्स्ट' मॉडल पर फोकस कर रही है। अमेरिका और ब्रिटेन के बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कंपनी ने $100.3 मिलियन में Bluetile और BestPlay में 50.01% हिस्सेदारी खरीदी है। साथ ही, AI और यूजर एक्विजिशन के लिए कंपनी ने Centres of Excellence की शुरुआत की है।
क्यों नहीं मिला डिविडेंड?
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी को घाटा हुआ है, जिसके चलते बोर्ड ने इस साल डिविडेंड न देने का फैसला किया है। इसके अलावा, कंपनी ने अपना रजिस्टर्ड ऑफिस बदलकर वर्ली, मुंबई शिफ्ट कर लिया है और रोहित शर्मा को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है।
निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर्स
- Regulatory पचड़ा: कंपनी की कई सब्सिडियरी कंपनियों को GST संबंधी शो-कॉज नोटिस मिले हैं।
- Legal बाधाएं: 'Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025' के लागू होने से कुछ निवेशों पर इंपेयरमेंट लॉस हुआ है।
- डिपेंडेंसी: ऐप डिस्ट्रीब्यूशन के लिए Google और Apple जैसे प्लेटफार्मों पर निर्भरता एक बड़ा ऑपरेशनल रिस्क है।
