गेमिंग दिग्गज Nazara Technologies में आज बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। कंपनी ने लीडरशिप रीस्ट्रक्चरिंग के साथ ही **₹730.78 करोड़** के फंड जुटाने की घोषणा की है, जिससे कंपनी के विस्तार को नई गति मिलेगी।
मैनेजमेंट में बड़े फेरबदल
Nazara Technologies के बोर्ड ने एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। 12 अक्टूबर, 2026 से कंपनी के फाउंडर नीतीश मित्तरसेन अब मैनेजिंग डायरेक्टर की भूमिका से हटकर 'फाउंडर और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर' की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, मिथुन पदम सचेती अब होल-टाइम डायरेक्टर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर कंपनी की कमान संभालेंगे। इसके अलावा, राकेश शाह के इस्तीफे के बाद 16 अक्टूबर, 2026 से अरुण अग्रवाल कंपनी के नए CFO होंगे।
फंड जुटाने का प्लान और वित्तीय मजबूती
कंपनी ने ₹306 प्रति शेयर की दर से 2.38 करोड़ से ज्यादा शेयरों के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए ₹730.78 करोड़ जुटाने की मंजूरी दी है। इससे कंपनी की पेड-अप शेयर कैपिटल ₹76.94 करोड़ से बढ़कर ₹81.72 करोड़ हो जाएगी।
ग्लोबल मार्केट में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए कंपनी Nazara Technologies UK में $77 मिलियन का निवेश करेगी, जिससे Bluetile Games और Bestplay Systems का अधिग्रहण किया जाएगा। साथ ही, 23 मिलियन पाउंड के कर्ज को इक्विटी में बदला जाएगा।
घरेलू सब्सिडियरीज पर फोकस
कंपनी अपनी घरेलू सब्सिडियरी Smaaash Entertainment को भी मजबूत कर रही है। Nazara ने लगभग ₹129.35 करोड़ के लोन को इक्विटी में बदलने का फैसला किया है, ताकि सब्सिडियरी की नेट वर्थ को बेहतर किया जा सके और विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार हो सके।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को अब कंपनी की नई लीडरशिप की कार्यक्षमता और यूरोप में किए जा रहे नए अधिग्रहणों के परफॉरमेंस पर बारीकी से नजर रखनी होगी। फाउंडर का एग्जीक्यूटिव रोल से हटना अक्सर कंपनी की रणनीतिक दिशा में बड़े बदलाव का संकेत होता है, जिसके बारे में स्पष्टता आना बेहद जरूरी है।
