NIIT Limited के लिए दूसरी तिमाही चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी को **22 मिलियन** का नेट लॉस हुआ है, जिसका मुख्य कारण GSI क्लाइंट्स की तरफ से खर्च में कटौती है। हालांकि, लागत कम करने से कंपनी EBITDA को सकारात्मक रखने में सफल रही है और अब अनीश सरकार (Anish Sarkar) नए CEO के रूप में कमान संभालेंगे।
मुनाफे से नुकसान की ओर
NIIT Limited ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट लॉस 22 मिलियन रुपये रहा है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 14 मिलियन का मुनाफा कमाया था। कुल रेवेन्यू 6% गिरकर 982 मिलियन रुपये पर आ गया है, क्योंकि प्रमुख Global Systems Integrator (GSI) क्लाइंट्स ने अपने खर्च में 100 मिलियन रुपये तक की कटौती की है।
EBITDA में सुधार और कॉस्ट कटिंग
बावजूद इसके कि कंपनी को लॉस हुआ है, NIIT का EBITDA 27 मिलियन रुपये पर सकारात्मक बना हुआ है, जो पिछले साल की समान तिमाही में 13.5 मिलियन रुपये था। कंपनी ने अपने खर्चों में 8% की कटौती की है और वर्कफोर्स को कम करके 816 कर्मचारियों तक सीमित किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 124 कम है।
नई रणनीति और AI पर दांव
कंपनी अब AI-ड्रिवन बिजनेस मॉडल पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी के AI इनिशिएटिव से होने वाली कमाई बढ़कर 12.4% हो गई है, जो पिछली तिमाही में 9% थी। साथ ही, Enterprise BFSI और BIPS सेगमेंट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 200 मिलियन का रिकॉर्ड रेवेन्यू हासिल किया है, जिसमें 17% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है।
मैनेजमेंट और भविष्य की चुनौतियां
अनीश सरकार को नया CEO नियुक्त किया गया है, जो Mercer India और Pluxee से जुड़े रहे हैं। मैनेजमेंट का मानना है कि चालू फाइनेंशियल ईयर में रेवेन्यू फ्लैट रह सकता है। निवेशकों को कंपनी के GSI वॉल्यूम पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि अगले दो तिमाहियों तक दबाव बने रहने की आशंका है। इसके अलावा, Days Sales Outstanding (DSO) के 53 से बढ़कर 63 दिनों पर पहुंचने से वर्किंग कैपिटल पर भी असर पड़ा है।
