NIIT का बड़ा ऐलान: AI स्किल्स की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए लॉन्च किए 6 नए कोर्स

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AuthorAditya Rao|Published at:
NIIT का बड़ा ऐलान: AI स्किल्स की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए लॉन्च किए 6 नए कोर्स
Overview

NIIT लिमिटेड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जेनरेटिव AI (GenAI) में 6 नए प्रोग्राम्स लॉन्च किए हैं। कंपनी का लक्ष्य AI स्किल्स की भारी मांग को पूरा करना है। Agentic AI कोर्स में एनरोलमेंट **88%** बढ़ा है, जबकि AI प्रोग्राम्स में कुल एनरोलमेंट **40%** बढ़ा है, जो स्पेशल AI ट्रेनिंग की जरूरत को दिखाता है।

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AI स्किल्स की कमी को दूर करेगा NIIT का नया कदम

NIIT लिमिटेड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जेनरेटिव AI (GenAI) के क्षेत्र में 6 नए प्रोग्राम्स पेश किए हैं। कंपनी का यह कदम जॉब मार्केट में AI-संचालित स्किल्स की तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

यह लॉन्च ऐसे समय में आया है जब NIIT के Agentic AI प्रोग्राम में एनरोलमेंट में पिछले साल के मुकाबले 88% का उछाल देखा गया है। वहीं, AI प्रोग्राम्स में कुल एनरोलमेंट में 40% की वृद्धि हुई है, जो इस क्षेत्र में खास ट्रेनिंग की बढ़ती जरूरत को साफ तौर पर दर्शाता है।

क्या है खास?

NIIT ने अपने GenAI और AI पोर्टफोलियो के तहत 6 नए कोर्स शुरू किए हैं। ये प्रोग्राम्स स्टूडेंट्स, टीचर्स, मार्केटिंग प्रोफेशनल्स और प्रैक्टिशनर्स के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इनका मुख्य फोकस AI को वर्कफ़्लोज़ में इंटीग्रेट करने और प्रैक्टिकल एप्लिकेशन्स पर है।

क्यों है यह अहम?

AI टैलेंट और जॉब रेडीनेस के बीच एक बड़ी खाई है, जिसे ये नए प्रोग्राम्स भरने का काम करेंगे। जैसे-जैसे कंपनियां AI को अपना रही हैं, उन्हें ऐसे कर्मचारियों की जरूरत है जो इन टूल्स का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकें। NIIT के नए प्रोग्राम्स इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी को एक मजबूत स्थिति में लाते हैं।

प्रोग्राम्स का विवरण

पेश किए गए छह नए कोर्सेज इस प्रकार हैं:

  • GenAI Spark Program for Students: सीखने, क्रिएटिविटी और प्रोडक्टिविटी के लिए AI का उपयोग करने पर केंद्रित।
  • GenAI Spark Program for Educators: शिक्षकों को उनके टीचिंग मेथड्स और असेसमेंट में AI इंटीग्रेट करने में मदद करने के लिए।
  • GenAI Spark Essentials: AI की बेसिक कॉन्सेप्ट्स और प्रैक्टिकल एप्लिकेशन्स को कवर करता है।
  • GenAI Spark Program on Marketing: मार्केटिंग वर्कफ़्लोज़ और कंटेंट क्रिएशन के लिए GenAI का उपयोग।
  • GenAI Applied Program for No-Code Apps: लो-कोड/नो-कोड टूल्स का उपयोग करके AI-पावर्ड एप्लिकेशन्स बनाने में सक्षम बनाता है।
  • GenAI Applied Program for Practitioners: प्रोफेशनल्स के लिए एक एडवांस्ड कोर्स, जो उनके काम की प्रक्रियाओं में AI को इंटीग्रेट करने पर केंद्रित है।

ये प्रोग्राम्स हैंड्स-ऑन लर्निंग और रियल-वर्ल्ड एप्लिकेशन्स पर जोर देते हैं, जिससे लर्नर्स AI असिस्टेंट बनाने, टास्क ऑटोमेट करने और कंटेंट जनरेट करने में सक्षम होंगे।

AI टैलेंट की मार्केट डिमांड

NIIT डिजिटल के बिजनेस हेड, अंशूमन प्रसाद के अनुसार, मार्केट अब सिर्फ AI टूल्स इस्तेमाल करने से आगे बढ़कर AI से समस्याओं को प्रभावी ढंग से हल करने की ओर बढ़ रहा है। इस बदलाव के लिए ऐसे वर्कफ़ोर्स की जरूरत है जो AI एप्लीकेशन में सक्षम हो।

NIIT की इंडिया स्किल्स गैप रिपोर्ट 2026 से पता चलता है कि उभरती भूमिकाओं के लिए जॉब रेडीनेस में एक महत्वपूर्ण अंतर है। कई संगठन AI-फोकस्ड जॉब्स के लिए वास्तव में तैयार उम्मीदवारों को हायर करने के लिए संघर्ष करते हैं। AI रोल्स के लिए स्टूडेंट्स की रेडीनेस 57 (100 में से) है, जो सीनियर प्रोफेशनल्स के 82 की तुलना में काफी कम है।

लगभग 40% एम्प्लॉयर्स और एकेडमिक लीडर्स का अनुमान है कि AI अगले तीन से पांच वर्षों में वर्कफ़ोर्स रोल्स को महत्वपूर्ण रूप से बदल देगा। यह उम्मीद स्ट्रक्चर्ड, एप्लीकेशन-फोकस्ड AI एजुकेशन की मांग को बढ़ाती है।

वर्कफ़ोर्स पर AI का प्रभाव

जिन इंडस्ट्रीज में AI का एडॉप्शन ज्यादा है, उनमें AI इंटीग्रेशन कम वाली इंडस्ट्रीज की तुलना में लगभग चार गुना प्रोडक्टिविटी ग्रोथ देखी गई है। एडवांस्ड AI स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स 56% तक ज्यादा वेतन पा सकते हैं।

भारत में, डिजिटल और डेटा स्किल्स को बहुत महत्व दिया जाता है। लगभग 38% एम्प्लॉयर्स पारंपरिक डिग्रियों के बजाय सर्टिफिकेशन्स और माइक्रो-क्रेडेंशियल्स को प्राथमिकता देते हैं। NIIT के विस्तृत कोर्स ऑफरिंग्स का उद्देश्य लर्नर्स को इन आवश्यक एप्लिकेशन-लेड क्षमताओं से लैस करना है।

हालांकि ChatGPT और Gemini जैसे AI टूल्स को व्यापक रूप से मान्यता दी गई है, लेकिन टूल के उपयोग और वास्तविक प्रवीणता के बीच एक अंतर बना हुआ है, जो स्ट्रक्चर्ड लर्निंग पाथवे की आवश्यकता पर जोर देता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.