Mphasis ने वित्त वर्ष 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11.6% बढ़कर **₹15,879.6 करोड़** हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट 9.4% की बढ़ोतरी के साथ **₹1,862.6 करोड़** रहा। कंपनी ने AI इंटीग्रेशन और नए प्रोजेक्ट्स में बड़ी सफलता हासिल की है।
Mphasis की शानदार कमाई: AI और नए प्रोजेक्ट्स का कमाल
Mphasis ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजों की घोषणा कर दी है, जिसमें कंपनी ने जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11.6% बढ़कर ₹15,879.6 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल के ₹14,230 करोड़ के आंकड़े से काफी ऊपर है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 9.4% की ग्रोथ के साथ ₹1,862.6 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹1,702.1 करोड़ था।
क्यों है यह खबर अहम?
ये नतीजे Mphasis के AI-केंद्रित सेवा मॉडल की ओर सफल बदलाव को दर्शाते हैं, जो बाजार में इसकी सेवाओं की मजबूत मांग को दिखाता है। कंपनी के पाइपलाइन में AI का बड़ा हिस्सा (69%) और नए प्रोजेक्ट्स में मिली USD 2.1 बिलियन की जीत, भविष्य में रेवेन्यू की अच्छी संभावनाओं की ओर इशारा करती है। साथ ही, कंपनी ने प्रति इक्विटी शेयर ₹62 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों के लिए सीधे मुनाफे का जरिया बनेगा।
आगे क्या?
कंपनी अपने रेकरिंग एनुअल रेवेन्यू (ARR) के मिश्रण को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसका लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 30% तक पहुंचना है। हाल ही में Theory and Practice (TAP) के अधिग्रहण और Aokah, Inc. में हिस्सेदारी खरीदने से इसके डिसीजन इंटेलिजेंस और बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जोखिम और चुनौतियां
मैनेजमेंट ने AI-संचालित साइबर हमलों, डीपफेक और सोशल इंजीनियरिंग जैसे बढ़ते जोखिमों पर भी प्रकाश डाला है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अस्थिरता और H-1B वीज़ा नीतियों में बदलाव जैसी इमिग्रेशन नियमों में बदलाव की संभावनाओं से भी कंपनी के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
