MosChip Technologies ने सितंबर तिमाही में **₹30.40 करोड़** का बड़ा नुकसान दर्ज किया है, जिसकी वजह एक जटिल ASIC प्रोजेक्ट की बढ़ती लागत है। हालांकि, कंपनी ने ऑटोमोटिव और सेमीकंडक्टर सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Vayavya Labs में **73%** हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है, जिसकी वैल्यू **₹266.71 करोड़** है।
दोहरी चुनौती और बड़ा निवेश
MosChip Technologies ने एक साथ दो बड़ी खबरें दी हैं—एक तरफ कंपनी को तिमाही नतीजों में ₹30.40 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ₹12.04 करोड़ के मुनाफे में थी। कंपनी की कुल आय भी घटकर ₹119.94 करोड़ रह गई है, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹148.14 करोड़ थी।
इस घाटे के पीछे मुख्य कारण एक जटिल ASIC प्रोजेक्ट रहा है। कंपनी का कहना है कि प्रोजेक्ट की लागत बेतहाशा बढ़ने और क्लाइंट की तरफ से स्कोप में बदलाव के कारण यह नुकसान हुआ है। मैनेजमेंट फिलहाल इन अतिरिक्त खर्चों की भरपाई के लिए बातचीत कर रहा है।
Vayavya Labs की डील से क्या बदलेगा?
कंपनी ने ग्रोथ के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए Vayavya Labs Private Limited में 73% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। ₹266.71 करोड़ की इस डील में ₹154.52 करोड़ नकद दिए जाएंगे, जबकि ₹112.19 करोड़ के लिए 50,50,686 शेयर ₹222.14 प्रति शेयर की कीमत पर जारी किए जाएंगे।
इस अधिग्रहण के जरिए MosChip सेमीकंडक्टर और ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में अपनी धाक जमाना चाहती है। बाकी की 27% हिस्सेदारी 31 मार्च, 2028 के बाद खरीदी जाएगी, जिसका वैल्यूएशन भविष्य की परफॉरमेंस पर आधारित होगा।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब 25 नवंबर, 2026 को होने वाली EGM (Extraordinary General Meeting) पर है। यहां शेयरहोल्डर्स इस डील के लिए जरूरी 'प्रेफरेंशियल इश्यू' पर वोट करेंगे। कंपनी के मार्जिन में रिकवरी के लिए ASIC प्रोजेक्ट की लागत वापस मिलना बहुत जरूरी है, जिस पर निवेशकों को बारीक नजर रखनी चाहिए।
