MosChip Technologies ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रमोटर-लिंक्ड संस्थाओं पर लगाए गए **₹200 करोड़** के सिक्योरिटी भुगतान से कंपनी का कोई लेना-देना नहीं है। कंपनी ने कहा है कि इस अदालती आदेश का उनके कामकाज पर कोई वित्तीय असर नहीं पड़ेगा।
कोर्ट का रुख और कंपनी का पक्ष
सुप्रीम कोर्ट ने MosChip Technologies के प्रमोटरों से जुड़ी संस्थाओं को ₹200 करोड़ की सिक्योरिटी जमा करने का निर्देश दिया है। इस पर कंपनी ने एक्सचेंज को जानकारी दी है कि वह इस विवाद में कहीं भी पक्षकार नहीं है और न ही उस पर किसी प्रकार का कोई फाइनेंशियल या ऑपरेशनल बोझ है।
Vayavya Labs अधिग्रहण पर क्या है असर?
निवेशकों की चिंता Vayavya Labs Private Limited (VLPL) के 73% अधिग्रहण को लेकर बनी हुई है, जिस पर पहले से ही 'स्टेस्टस को' (Status Quo) ऑर्डर लागू है। कंपनी का कहना है कि वह अपनी रुचि और हितों की रक्षा के लिए कोर्ट में 'इम्पलीडमेंट एप्लिकेशन' (Impleadment Application) के जरिए सक्रिय है।
रिस्क और आगे का रास्ता
यद्यपि कंपनी सीधे तौर पर ₹200 करोड़ के पेमेंट के लिए उत्तरदायी नहीं है, लेकिन Vayavya Labs का अधिग्रहण कानूनी पचड़ों में फंसने के कारण अभी भी अधर में है। यह स्थिति कंपनी की भविष्य की ग्रोथ योजनाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। निवेशकों को अब कोर्ट की अगली सुनवाई पर नजर रखनी चाहिए, जहां से इस अधिग्रहण पर अंतिम फैसला आने की उम्मीद है।
