Mobavenue AI Tech Limited ने अपनी पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी Mobavenue Media Private Limited के विलय (Merger) की घोषणा की है। इस रणनीतिक कदम का उद्देश्य प्रशासनिक खर्चों को कम करना और कैश मैनेजमेंट को बेहतर बनाना है।
मर्जर का पूरा गणित
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 15 सितंबर 2026 को इस मर्जर स्कीम को मंजूरी दी है। इस विलय के तहत Mobavenue Media को सीधे पैरेंट कंपनी Mobavenue AI Tech में इंटीग्रेट किया जाएगा। कंपनी ने साफ किया है कि यह पूरी तरह से एक इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग है, इसलिए किसी भी नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे और मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी (Equity) में कोई बदलाव या डाइल्यूशन नहीं होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
कंपनी का लक्ष्य कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाना है। दो अलग-अलग एंटिटीज के बजाय अब एक ही कंपनी होने से:
- एडमिनिस्ट्रेटिव लागत में कमी आएगी।
- मैनेजमेंट का ओवरलैप खत्म होगा।
- सब्सिडियरी के कैश फ्लो तक पैरेंट कंपनी की सीधी पहुंच आसान हो जाएगी।
फाइनेंशियल प्रोफाइल
31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के आंकड़ों के अनुसार, Mobavenue Media की टोटल एसेट्स ₹128.69 करोड़ और टर्नओवर ₹192.00 करोड़ रहा है। वहीं, पैरेंट कंपनी Mobavenue AI Tech की एसेट्स ₹124.58 करोड़ और टर्नओवर ₹18.68 करोड़ था। अब ये दोनों वित्तीय प्रोफाइल एक साथ मिल जाएंगे।
आगे क्या होगा?
यह प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है। मर्जर को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार (Central Government) और अन्य संबंधित अथॉरिटीज से जरूरी मंजूरी मिलना बाकी है। निवेशकों को कंपनी की तरफ से आने वाले अगले अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए।
