Melstar Information Technologies ने **₹300 करोड़** जुटाने की योजना बनाई है। यह राशि प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स से अनसिक्योर्ड लोन के जरिए ली जाएगी, जिसमें इक्विटी में कन्वर्ट करने का विकल्प भी शामिल है। कंपनी इस पर अपनी **39वीं** एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगेगी।
फंडिंग का जरिया और रणनीति
कंपनी ने फंड जुटाने के लिए एक खास रास्ता चुना है। यह ₹300 करोड़ की राशि कंपनी के अंदरूनी सूत्रों, यानी प्रमोटर्स, प्रमोटर ग्रुप और डायरेक्टर्स से अनसिक्योर्ड लोन के रूप में ली जाएगी। इस डील की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें लोन को बाद में इक्विटी शेयर्स में बदलने का विकल्प रखा गया है, जो कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर को लचीला बनाएगा।
क्यों है यह कदम अहम?
प्रमोटर्स द्वारा इतना बड़ा निवेश करना कंपनी के प्रति उनके भरोसे को दिखाता है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि कंपनी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने या भविष्य के किसी बड़े विस्तार (Strategic Initiatives) की तैयारी कर रही है। हालांकि, निवेशकों को सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि इक्विटी कन्वर्जन की स्थिति में शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बदलाव हो सकता है और मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी कम (Dilution) हो सकती है।
AGM और वोटिंग की प्रक्रिया
कंपनी की 39वीं AGM 30 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। ई-वोटिंग के लिए कट-ऑफ डेट 18 सितंबर, 2026 तय की गई है। शेयरहोल्डर्स 27 सितंबर से 29 सितंबर, 2026 तक रिमोट ई-वोटिंग के जरिए अपनी राय दे सकेंगे।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को मुख्य रूप से कन्वर्जन प्राइस (जिस दाम पर कर्ज को शेयर में बदला जाएगा) पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, कंपनी यह ₹300 करोड़ किस काम में इस्तेमाल करेगी, यह कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन के लिए सबसे निर्णायक साबित होगा। अभी के लिए, आगामी AGM के एजेंडा और FY 2026 की बोर्ड रिपोर्ट पर नजर रखना समझदारी होगी।
