Megri Soft Ltd ने अपनी यूके स्थित सब्सिडियरी कंपनी, Megrisoft Limited को कंसोलिडेशन से बाहर कर दिया है। शेयरों के अलॉटमेंट के चलते पैरेंट कंपनी की हिस्सेदारी **62.5%** से गिरकर मात्र **14.29%** रह गई है, जिससे अब भविष्य की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
क्या हुआ बदलाव?
Megri Soft Ltd ने आधिकारिक सूचना देते हुए बताया कि 18 सितंबर, 2026 से Megrisoft Limited अब उसकी सब्सिडियरी नहीं रही है। यह बदलाव एक संबंधित पार्टी, Ms. Aprajita Kohli को 540 नए शेयर जारी करने के कारण हुआ, जिससे कंपनी का मालिकाना हक काफी कम हो गया। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसने न तो अपने शेयर बेचे हैं और न ही इस प्रक्रिया से कोई वित्तीय लाभ कमाया है।
निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
बीते फाइनेंशियल ईयर 2026 में Megrisoft Limited का योगदान कंपनी के कुल टर्नओवर में 18.84% था (करीब ₹54.96 लाख)। सब्सिडियरी का दर्जा खत्म होने से अब यह यूनिट कंपनी के मुख्य बही-खातों (Consolidated Financials) का हिस्सा नहीं रहेगी, जिसका सीधा असर भविष्य की बैलेंस शीट और प्रॉफिट रिपोर्ट पर दिख सकता है। कंपनी अब अपनी बची हुई 100 शेयरों की होल्डिंग को केवल एक इन्वेस्टमेंट के तौर पर दिखाएगी।
बोर्ड में भी बड़े बदलाव
इस स्वामित्व परिवर्तन के साथ ही, 18 सितंबर, 2026 से प्रभावी, Mr. Mohnesh Kohli ने यूके यूनिट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से इस्तीफा दे दिया है, जो कंपनी के गवर्नेंस स्ट्रक्चर में बड़े रीअलाइनमेंट की ओर इशारा करता है।
