ई-कॉमर्स कंपनी Meesho ने B2B यानी बिजनेस-टू-बिजनेस ई-कॉमर्स नेटवर्क को मजबूत करने के लिए Kirana Club और Retail Pulse Labs (RPLPL) को ₹202 करोड़ में खरीदने का ऐलान किया है। हालांकि, ये दोनों कंपनियां फिलहाल घाटे में चल रही हैं, लेकिन RPLPL ने रेवेन्यू में शानदार ग्रोथ दिखाई है। यह डील मार्च 2027 तक तीन चरणों में पूरी होगी।
क्या हुआ है?
Meesho Ltd ने Kirana Club Pte. Ltd. की 100% हिस्सेदारी और Retail Pulse Labs Private Limited (RPLPL) की 0.41% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। वहीं, RPLPL की बाकी 99.59% हिस्सेदारी अप्रत्यक्ष रूप से Kirana Club के जरिए खरीदी जाएगी। इस स्ट्रेटेजिक मूव के लिए कुल ₹202.09 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। Kirana Club किराना दुकानदारों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म चलाती है, जबकि RPLPL छोटे शहरों और ग्रामीण भारत के किराना स्टोर्स को FMCG कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स से जोड़ने वाला B2B ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस मैनेज करती है।
यह क्यों मायने रखता है?
इस अधिग्रहण का मुख्य मकसद Meesho के ई-कॉमर्स इकोसिस्टम और B2B कम्युनिटी नेटवर्क को और मजबूत करना है। Kirana Club और RPLPL को मिलाकर, Meesho छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में B2B सेगमेंट में अपनी पैठ बढ़ाना चाहती है। यह डील तीन चरणों में पूरी होगी और इसके 31 मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
क्या है बैकस्टोरी?
Retail Pulse Labs Private Limited (RPLPL) ने पिछले कुछ सालों में अपने रेवेन्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। FY 2023-24 में जहां इसका टर्नओवर ₹2.7 करोड़ था, वहीं FY 2024-25 में यह बढ़कर ₹4.92 करोड़ हो गया और FY 2025-26 (अनऑडिटेड) में यह ₹15.84 करोड़ तक पहुंच गया। रेवेन्यू में यह लगातार उछाल इसके B2B ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की बढ़ती मांग और मार्केट में पकड़ को दर्शाता है।
अब क्या बदलेगा?
Meesho, Kirana Club और RPLPL के ऑपरेशंस को इंटीग्रेट करके अपनी सप्लाई चेन और B2B नेटवर्क को बेहतर बनाएगी। इस अधिग्रहण से कंपनी का छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों तक विस्तार होगा, जिससे किराना दुकानदारों को एक ज्यादा व्यापक ई-कॉमर्स सॉल्यूशन मिल सकेगा।
जोखिम क्या हैं?
इस डील से जुड़ा सबसे बड़ा जोखिम यह है कि अधिग्रहण की जा रही दोनों कंपनियां - Kirana Club और RPLPL - फिलहाल घाटे में चल रही हैं। Kirana Club ने FY 2025-26 में SGD (7,39,910.99) का नेट लॉस दर्ज किया, जबकि RPLPL को इसी अवधि में ₹(0.30) करोड़ का घाटा हुआ। यह घाटा短期 में Meesho की कंसोलिडेटेड प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल सकता है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब अधिग्रहण के चरणों की प्रगति और Meesho की Kirana Club व RPLPL की प्रॉफिटेबिलिटी को सुधारने की रणनीति पर नजर रखनी होगी। साथ ही, संयुक्त कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी की राह पर भी नजर रखना अहम होगा।
