Meesho Share Price: नए वेंचर्स के चलते ₹39 करोड़ का घाटा, कंपनी ने 25% ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Meesho Share Price: नए वेंचर्स के चलते ₹39 करोड़ का घाटा, कंपनी ने 25% ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखा

Meesho ने Q1 FY27 में नए इनिशिएटिव्स (initiatives) पर ₹39 करोड़ का ऑपरेटिंग लॉस (operating loss) दर्ज किया है। यह कंपनी के ₹200 करोड़ के सालाना एक्सपेरिमेंटल बजट (experimental budget) का हिस्सा है। कंपनी ने अगले पांच साल के लिए 25% CAGR ग्रोथ का लक्ष्य दोहराया है और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) पर जोर दे रही है।

Detailed Coverage

नई पहलों पर ₹39 करोड़ का ऑपरेटिंग लॉस, ग्रोथ का भरोसा कायम

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में अपनी नई पहलों पर ₹39 करोड़ का ऑपरेटिंग लॉस (operating loss) दर्ज किया है। यह इन नए 'Horizon 2' प्रोजेक्ट्स पर होने वाले एक्सपेरिमेंटल खर्च (experimental expenditure) का हिस्सा है, जिसके लिए कंपनी ने सालाना ₹200 करोड़ का बजट तय किया है।

चुनौतियों के बावजूद लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में कमी

Meesho ने फ्यूल की बढ़ती कीमतों और न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी जैसी बाहरी चुनौतियों के बावजूद, प्रति डिलीवर ऑर्डर लॉजिस्टिक्स कॉस्ट (logistics cost per delivered order) को पिछले तिमाही के मुकाबले लगभग ₹2 तक कम करने में सफलता पाई है। कंपनी का कहना है कि सॉर्टर्स (sorters) और लॉकर डिलीवरी (locker deliveries) जैसे ऑपरेशनों में की गई एफिशिएंसी (efficiency) के कारण यह संभव हुआ है।

भविष्य की ग्रोथ पर कंपनी का फोकस

कंपनी अगले पांच सालों के लिए 25% कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) के लक्ष्य पर कायम है। इसके लिए, Meesho एवरेज ऑर्डर वैल्यू (AOV) को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, हालांकि रिपोर्ट की गई तिमाही में इसमें 2% की साल-दर-साल गिरावट देखी गई। कंपनी अपनी लॉजिस्टिक्स नेटवर्क (logistics network) और पहुंच को मजबूत करने के लिए नई रणनीतियों पर काम कर रही है, जिसमें 'किराना क्लब' (Kirana Club) का अधिग्रहण भी शामिल है।

रेगुलेटरी और सीजनेलिटी का असर

Meesho कर्नाटक गिग वर्कर लॉ (Karnataka Gig Worker Law) जैसे रेगुलेटरी मुद्दों पर भी नजर रख रही है, जिस पर फिलहाल कोर्ट का स्टे (stay) है। इसके अलावा, इस साल दिवाली का त्योहार अक्टूबर-नवंबर में आने से दूसरी और तीसरी तिमाही के नतीजों पर सीजनैलिटी (seasonality) का असर पड़ सकता है। कंपनी अपने GMV-कंट्रीब्यूटिंग सेलर्स (GMV-contributing sellers) के लिए विज्ञापन टूल (advertising tools) जैसे मोनेटाइजेशन (monetization) के तरीके भी अपना रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.